बक्सर. आइटीआइ मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ को लेकर बुधवार को गाजे-बाजे के बीच कलश के साथ शोभायात्रा निकाली गयी. राधे-राधे के जयघोष के बीच आयोजन स्थल से निकली शोभायात्रा में शामिल ऊंट, घोड़ा व झांकी के साथ श्रद्धालु चरित्रवन के रास्ते रामरेखाघाट पहुंचे. वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन के साथ गंगा से कलश में जलाहरण किया गया. जलाहरण के बाद जयघोष करते श्रद्धालु पीपरपांती रोड होते यमुना चौक पहुंचे और वहां से मेन रोड के रास्ते टाउन थाना चौराहा पहुंचे और स्टेशन रोड के रास्ते ज्योति प्रकाश चौक होते जेल पइन रोड से कथा स्थल पर लौट गए. बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर सुशोभित कलश लेकर इस यात्रा में भाग लिया. यात्रा जिन मार्गो से निकली वहां पर शहर वासियों द्वारा पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया. यात्रा के दौरान समूचा वातावरण राधे-राधे के जयकारों से गूंजायमान हो उठा. वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की अगुवाई में निकली शोभायात्रा में गंगा पुत्र श्री लक्ष्मीनारायण त्रिदंडी स्वामी जी महाराज व नई बाजार स्थित श्रीसीताराम विवाह महोत्सव आश्रम के महंत श्री राजाराम शरण जी महाराज के अलावा दर्जनों गणमान्य एवं काफी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल थीं.
प्रतिनिधि, बक्सर.
आइटीआइ मैदान में आयोजित भागवत कथा के दौरान पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा कि कलियुग में जहां-जहां श्रीमद्भागवत कथा होती है, वहां-वहां देवताओं का निवास होता है और उस स्थान की पवित्रता से संपूर्ण वातावरण दिव्यता से भर जाता है. प्रत्येक राजनेता को धर्मात्मा होना चाहिए. यदि देश के नेतृत्वकर्ता धर्म के मार्ग पर चलने वाले, निष्ठावान और ईमानदार होंगे, तो देश से भ्रष्टाचार स्वतः समाप्त हो जायेगा और राष्ट्र की विकास की धारा अविरल बहने लगेगी. जब राजनीति में धर्म के मूल्य समाहित होंगे तब ही सच्चे रामराज्य की कल्पना साकार होगी. कथा के दौरान पूज्य महाराज श्री ने कहा कि आज का युवा वर्ग धर्म और आध्यात्मिकता से दूर होता जा रहा है. जहां एक ओर शाश्वत ज्ञान और आत्म कल्याण का स्रोत श्रीमद्भागवत कथा है, वहीं दूसरी ओर आज का युवा वर्ग फिल्मों, मनोरंजन और बाहरी चकाचौंध में इतने व्यस्त हो गये हैं कि उसे कथा श्रवण का समय ही नहीं मिलता.
गंगा मां के दर्शन से मिलती है पापों से मुक्ति : श्री ठाकुर जी ने कहा कि गंगा मां के दर्शन मात्र से ही जीव को पापों से मुक्ति मिलने लगती है. जब कोई श्रद्धालु मां गंगा के तट पर पहुंचता है और उसके पवित्र जल को देखता है, तो आत्मा में एक अलौकिक शांति का संचार होता है. गंगा जल में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा को मोक्ष की ओर मार्गदर्शन मिलता है.मोबाइल के दुष्परिणाम से कराये अवगत : उन्होंने कहा कि मोबाइल किसी का सगा नहीं है. मोबाइल के छलावे में फंसकर आज न जाने कितने नौजवानों ने अवसाद (डिप्रेशन) में आकर आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा रहे हैं. ये सब घटनाएं समाज के लिए एक चेतावनी हैं कि हमें मोबाइल का इस्तेमाल साधन के रूप में करना चाहिए, साध्य के रूप में नहीं.
मंत्री शांतनु ठाकुर व पूर्व मंत्री अश्विनी चौबे ने लिया आशीर्वाद : कथा में केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने शामिल होकर व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया एवं कथा पंडाल में उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म केवल एक पंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक महान और शाश्वत प्रणाली है, जो सदियों से हमारी संस्कृति, संस्कार और सभ्यता की आधारशिला रही है. उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि हम सब मिलकर, एकजुट होकर, सनातन धर्म की रक्षा, प्रचार और प्रसार के लिए आगे आएं. कथा में श्री गंगापुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने शामिल होकर व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया एवं कथा पंडाल में उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आप दरिद्र हैं और भागवत कथा श्रवण करते हैं, तो भागवत कथा सुनने से आपकी दरिद्रता दूर हो जायेगी. कथा में श्री राजा राम शरण जी महाराज व आचार्य भारत भूषण पांडेय आदि उपस्थित रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
