बक्सर में मनाया गया अलौकिक रक्षाबंधन, श्रद्धालुओं को दिया ‘परमात्मा की राखी’ का संदेश

बक्सर के ब्रह्माकुमारीज आश्रम में रक्षाबंधन और विश्व बंधुत्व दिवस धूमधाम से मनाया गया। जानिए इसका आध्यात्मिक महत्व और दादी प्रकाशमणि को दी गई श्रद्धांजलि।

Buxar News : बाबानगर डिफेंस कॉलोनी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में मंगलवार को अलौकिक रक्षाबंधन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति दिवस भी मनायी गयी. कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व और मानवता के प्रति प्रेम का संदेश दिया गया.

परमात्मा की राखी बने सुरक्षा कवच

संस्था की संचालिका ब्रह्माकुमारी रानी दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है. इसका आध्यात्मिक अर्थ इससे भी व्यापक है. ऐसी राखी जो परमात्मा के रक्षा कवच के रूप में कार्य करे. उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा की पवित्र राखी जाति और धर्म से ऊपर उठकर संपूर्ण मानवता को सुरक्षा और सकारात्मकता का संदेश देती है.

दादी प्रकाशमणि के जीवन को किया याद

कार्यक्रम में राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति पर उनके जीवन और योगदान को याद किया गया. ब्रह्माकुमारी रानी दीदी ने कहा कि दादी प्रकाशमणि ने अपना जीवन समाज कल्याण और आध्यात्मिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया था. उनका जीवन मानवता, सेवा और भाईचारे की भावना से प्रेरणा लेने का संदेश देता है.

कमियों को परमात्मा को अर्पित करने का संदेश

रक्षाबंधन के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष संदेश देते हुए रानी दीदी ने कहा कि राखी के उपहार के रूप में अपनी कमियों और कमजोरियों को परमात्मा को अर्पित करना चाहिए. इससे व्यक्ति के जीवन में पवित्रता, शांति और सकारात्मकता का विकास होगा. उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम, भाईचारा और मानवता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया.

रक्षा सूत्र बांधती बहने | Prabhat Khabar Network


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By मृत्युंजय सिंह

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