बक्सर स्कूल कांड : पहले भरोसा जीता, फिर उपहारों से फंसाया और वीडियो बनाकर किया BPSC शिक्षकों ने किया ब्लैकमेल, जानिए छात्राओं को जाल में फंसाने का पूरा आरोप

Buxar-Dumraon Student Rape Case : बक्सर के स्कूल में BPSC शिक्षकों ने छात्राओं को गिफ्ट और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाकर किया यौन शोषण। जानें इस शर्मनाक घटना की पूरी इनसाइड स्टोरी।

Buxar-Dumraon Student Rape Case : बिहार के बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित राजकीय मध्य विद्यालय नथुनी अहीर का डेरा से सामने आये छात्राओं के यौन शोषण के आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. बीपीएससी के जरिए नियुक्त दो शिक्षकों बीरेन्द्र कुमार और अरविंद कुमार पर छात्राओं को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाने, यौन शोषण करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगे हैं. मामले में पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है.

छात्राओं का भरोसा जीतने के लिए उपहार और प्रलोभन का आरोप

बक्सर स्कूल कांड में आरोप है कि छात्राओं को अपने प्रभाव में लेने के लिए पहले उनका भरोसा जीतने की कोशिश की गयी. आरोपों के अनुसार, बच्चों को स्मार्टफोन, पॉकेट मनी, महंगे उपहार और अन्य सामान देकर अपने करीब लाने का प्रयास किया गया. धीरे-धीरे छात्राओं का भरोसा जीतने के बाद उन्हें कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया गया.

स्कूल से बाहर निजी जगहों और होटलों में ले जाने का आरोप

आरोप है कि भरोसा जीतने और संपर्क बढ़ने के बाद छात्राओं को बहला-फुसलाकर स्कूल से बाहर निजी कमरों, सुनसान स्थानों और होटलों में ले जाया गया. वहां उनके साथ यौन शोषण किये जाने के गंभीर आरोप सामने आये हैं. हालांकि मामले से जुड़े सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी.

आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप

बक्सर स्कूल कांड का सबसे गंभीर पहलू छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बनाने के आरोप हैं. आरोपों के अनुसार, इन वीडियो और तस्वीरों का इस्तेमाल छात्राओं को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए किया गया. विरोध करने या किसी को जानकारी देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.

सहेलियों को भी जाल में फंसाने के लिए दबाव का दावा

मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि कथित तौर पर पीड़ित छात्राओं पर अपनी अन्य सहेलियों और छात्राओं को भी बुलाने के लिए दबाव बनाया जाता था. इस कथित तरीके को ग्रामीण और स्थानीय लोग चेन सिस्टम के रूप में बता रहे हैं. हालांकि इस पूरे आरोप की सत्यता पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी.

ग्रामीणों और अभिभावकों के विरोध के बाद बढ़ा मामला

मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया. आरोपों के अनुसार, कुछ छात्राओं ने अपनी आपबीती परिजनों तक पहुंचायी, जिसके बाद स्थानीय लोग स्कूल पहुंचे और मामले को लेकर विरोध जताया. इसके बाद घटना की जानकारी व्यापक स्तर पर सामने आयी और पुलिस तथा शिक्षा विभाग की कार्रवाई तेज हुई.

मोबाइल में आपत्तिजनक सामग्री मिलने का भी लगाया गया दावा

ग्रामीणों की ओर से यह दावा किया गया कि एक आरोपी शिक्षक के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें मिलीं. हालांकि मोबाइल से बरामद सामग्री, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है.

दो आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई, पुलिस जांच जारी

मामले के तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से दोनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित किया गया. वहीं, छात्राओं से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की है. मामले में पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है.

स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल

बक्सर स्कूल कांड ने सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किये हैं. यह मामला केवल आरोपित शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, शिकायतों पर समय पर कार्रवाई और जवाबदेही की व्यवस्था को लेकर भी बहस तेज हो गयी है.

जांच पूरी होने के बाद ही सामने आयेगी पूरी तस्वीर

मामले में लगे आरोप बेहद गंभीर हैं. पुलिस छात्राओं के बयान, वायरल वीडियो, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है. जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सभी आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल बक्सर स्कूल कांड में पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है.

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By संतोष कांत

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