Bihar में खुलेआम चल रहा धर्मांतरण का खेल, गंगा में डुबकी लगवाई, मांग से सिंदूर मिटाया और…

Bihar: बिहार के बक्सर में हिंदू संगठनों ने ईसाई मिशनरियों के खिलाफ लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगाया है.

Bihar: बिहार के बक्सर में ईसाई मिशनरी खुलेआम धर्म परिवर्तन करा रहे हैं. इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि एक पादरी कुछ महिलाओं को गंगा स्नान करा कर उनकी सिंदूर को हटा रहा है और उनके सिर पर हाथ से क्रॉस बना रहा है. यह वीडियो बिहार में चल रहे जबरन धर्म परिवर्तन के खेल को उजागर करता है. वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद तीन पादरियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार होने वाला दो पादरी डुमरांव का और एक तमिलनाडु का है.

कठोर कार्रवाई होगी

बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने घटना को लेकर बताया है कि मामले की जांच चल रही है. धर्मांतरण के खेल में जो-जो लोग शामिल हैं, जो धन का लालच दिखाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

पादरी ने बताया लोगों को क्यों ले गए थे गंगा घाट

गिरफ्तार पादरी राजू राम ने बताया कि ये सभी लोग बपतिस्मा (डुबोना या प्रक्षालन करना) कबूल करना चाहते थे, इसलिए उन्हें गंगा लेकर के गया था और उनके सिंदूर और उनके हिंदू रीति रिवाज से जुड़ी जो भी चीजें थीं उसको बहा दिया. इसके बाद माथे पर क्रॉस का निशान बनाया और लॉकेट पहनाया. उन्होंने यह भी बताया कि यहां आये सभी लोग बाइबल को फॉलो करते हैं और बाइबल पर विश्वास करते हैं.

पादरी ने कबूली बात

पादरी राजू राम ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि बाइबल में हमलोगों को निर्देशित किया गया है जो लोग बाइबल में विश्वास करता है उसको पानी में डूबा करके उसका बपतिस्मा कराओ. हम लोगों को बाइबल के बारे में बताते हैं. इस बारे में समझाते हैं. इसके बाद ही वो बपतिस्मा के लिए तैयार होते हैं. बपतिस्मा का एक और अर्थ- ईसाई धर्म में विश्वास और मजबूत होना है और पुराने जीवन को छोड़कर नए जीवन को जीना है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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