Bihar News:(संतोष कांत) बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत कांट गांव में विकास की एक नई कहानी सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया है. दो नदियों के बीच स्थित करीब 100 एकड़ जमीन, जो कभी अवैध देशी शराब के उत्पादन के लिए कुख्यात थी. आज औद्योगिक प्रगति का प्रतीक बन चुकी है. पहले यह इलाका घनी झाड़ियों और सुनसान क्षेत्र के कारण अवैध गतिविधियों का केंद्र माना जाता था, जहां दिन के उजाले में भी लोग जाने से कतराते थे. लेकिन अब यही स्थान जेके सीमेंट फैक्ट्री के रूप में एक बड़े औद्योगिक केंद्र में बदल चुका है.
उद्योग से खत्म हुआ अपराध, बढ़ा रोजगार
जेके सीमेंट फैक्ट्री के संचालन से न केवल इस क्षेत्र से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं. फैक्ट्री में लगभग 840 स्थानीय युवाओं और कुशल श्रमिकों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जबकि ट्रांसपोर्ट, निर्माण कार्य और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से लगभग 10 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका प्राप्त हो रही है.
गांव में बदली बुनियादी सुविधाएं
फैक्ट्री के आने के बाद क्षेत्र की आधारभूत संरचना में भी सुधार देखा गया है। सड़कों का विकास, बिजली व्यवस्था में सुधार और आवागमन की बेहतर सुविधा ने गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. जहां पहले यह क्षेत्र असुरक्षा और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, वहीं अब यह औद्योगिक विकास का केंद्र बन चुका है.
आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी
उद्योग स्थापना के बाद आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.
- ऑटो और परिवहन सेक्टर में वृद्धि: यात्रियों और माल ढुलाई में बढ़ोतरी से ऑटो और तिपहिया चालकों की आय में लगभग 15 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान है.
- ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को फायदा: ट्रकों को अब वापसी में भी माल मिल रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टरों की आमदनी बढ़ी है.
- होटल और छोटे व्यवसायों में उछाल: बाहरी राज्यों से आने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के कारण होटल, लॉज और दुकानों का कारोबार बढ़ा है.
- स्थानीय लोगों को अतिरिक्त आय: ग्रामीणों ने अपने घर किराए पर देकर अतिरिक्त आय का साधन विकसित किया है.
विकास की नई पहचान बना कांट गांव
कभी अवैध शराब के लिए बदनाम रहा कांट गांव आज जेके सीमेंट फैक्ट्री के कारण विकास और समृद्धि की नई पहचान बन चुका है. 100 एकड़ का यह क्षेत्र अब बक्सर जिले में औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है, जिसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है.
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