Ataon Sarpanch Husband Fake Land Registry Case : बक्सर जिले के डुमरांव में फर्जी जमीन रजिस्ट्री के मामले में अटांव पंचायत की सरपंच के पति उमेश सिंह यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. यह कार्रवाई बक्सर व्यवहार न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के आधार पर की गई.
Buxar News : पूर्व सरपंच ने लगाया फर्जी रजिस्ट्री का आरोप
मामले की शुरुआत पूर्व सरपंच शंभू लाल श्रीवास्तव की शिकायत से हुई. उन्होंने बक्सर व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर कर आरोप लगाया कि उनकी बहन के माध्यम से उनकी हिस्सेदारी वाली जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री उमेश सिंह यादव के नाम करा दी गई. शिकायत के अनुसार संबंधित जमीन पहले से ही विधिवत पंजीकृत बंटवारे में उनके हिस्से में आ चुकी थी. उन्होंने इस मामले में वर्तमान सरपंच गीता देवी की भूमिका पर भी संदेह जताया है.
2022 से चल रहा है जमीन विवाद
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में शंभू लाल श्रीवास्तव की बहन ललिता देवी ने अपने हिस्से की बताकर चार बीघा जमीन उमेश सिंह यादव के नाम रजिस्ट्री कर दी थी. इस मामले में बक्सर नगर थाना में कांड संख्या 448/22 दर्ज हुआ था और पुलिस ने उमेश सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. बेल मिलने के बाद इसी वर्ष उन्होंने ललिता देवी से 23 डिसमिल जमीन की दोबारा रजिस्ट्री करा ली, जिसके बाद मामला फिर न्यायालय पहुंचा.
कोर्ट के वारंट पर हुई गिरफ्तारी
परिवाद संख्या 1302/22 में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बक्सर व्यवहार न्यायालय ने उमेश सिंह यादव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया. वारंट के अनुपालन में डुमरांव पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
पुलिस ने कही यह बात
डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उमेश सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.
