सिद्धाश्रम की गौरव गाथा को विश्व पटल पर स्थापित करेंगे : अश्विनी चौबे, वामन जन्मभूमि को दिव्य बनाने का संकल्प

सिद्धाश्रम को वामन अवतार की तपोभूमि बताकर इसकी गौरव गाथा विश्व पटल पर लाने का संकल्प. वामन जन्मभूमि को भव्य बनाने की योजना पर विमर्श.

बक्सर. भगवान वामन के पावन जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर मंगलवार को शहर के गोयल धर्मशाला सभागार में एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. श्री राम कर्मभूमि न्यास के तत्वावधान में आयोजित "सिद्धाश्रम-बावन आश्रम: सभ्यता विकास की आदि भूमि - संदर्भ, आकांक्षा, संकल्प एवं सिद्धि" विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए न्यास के संस्थापक संरक्षक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि सिद्धाश्रम की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गौरव गाथा को पूरी दुनिया के सामने लाया जाएगा. उन्होंने संकल्प दोहराया कि सिद्धाश्रम के संपूर्ण इतिहास का संकलन कर इसे विश्व पटल पर स्थापित किया जाएगा.

भगवान विष्णु की तपोभूमि और वामन अवतार का केंद्र है सिद्धाश्रम

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पौराणिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयं भगवान विष्णु ने हजारों वर्षों तक इस पावन धरा पर कठोर तपस्या कर परा विद्या की समृद्ध परंपरा का सूत्रपात किया था. इसी कारण इस तपोभूमि का नामकरण 'सिद्धाश्रम' हुआ. इसी दिव्य भूमि पर भगवान विष्णु ने धर्म की रक्षा के लिए वामन रूप में पांचवां अवतार लिया था. उन्होंने कहा कि भगवान वामन लोक के जनमानस को चैतन्य कर युगों-युगों से मानवीय समस्याओं का समाधान करते आ रहे हैं.

संगोष्ठी में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अन्य.

वामन जन्मभूमि को भव्य-दिव्य बनाने के लिए संतों व संस्थाओं से होगा विमर्श

अश्विनी चौबे ने कहा कि परमात्मा की प्रेरणा और कृपा से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी सिद्धाश्रम के पुरातन गौरव की पुनर्स्थापना के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. उन्होंने आह्वान किया कि पूज्य संत-महात्माओं, प्रबुद्ध संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के साथ व्यापक विमर्श कर भगवान वामन की जन्मभूमि को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान करने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए. संत हों या गृहस्थ, समाज के सभी वर्गों के सक्रिय और आत्मिक सहयोग से सिद्धाश्रम वैश्विक संकटों और समस्याओं के समाधान का केंद्र बनकर उभरेगा. यह संपूर्ण भारतवर्ष की सनातन शक्ति का आदि उद्गम स्थल है.

संगोष्ठी में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अन्य.

वामन वास्तव में लोकतंत्र के अधिष्ठाता देव: कृष्णकांत ओझा

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए श्री राम कर्मभूमि न्यास के अध्यक्ष कृष्णकांत ओझा ने अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि लोक के अंतःकरण को जागृत और चैतन्य करने वाले भगवान वामन वास्तव में लोकतंत्र के देव और अधिष्ठाता हैं. कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक रणबीर ओझा, सामाजिक कार्यकर्ता हीरामन पासवान, अरुण मिश्रा, शिक्षक विजय मिश्रा, वामन मंच के मुन्ना सिंह, विनोद ओझा, नंदकुमार तिवारी सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। विचार गोष्ठी का सफल मंच संचालन डॉ. नीरज त्रिवेदी ने किया.

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By आशुतोष सिंह

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