बक्सर: कृषि फीडर में 12 घंटे बिजली का दावा, खेतों में मिल रही सिर्फ 4-5 घंटे सप्लाई; धान की सिंचाई पर संकट

बक्सर में कृषि फीडर से 12 घंटे बिजली देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। किसानों को मात्र 4-5 घंटे बिजली मिलने से धान की सिंचाई में भारी परेशानी हो रही है।

Buxar Weather News : मौसम की बेरुखी के बीच पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से जिले के किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. किसानों को सस्ती दर पर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृषि फीडर की व्यवस्था की गयी है, लेकिन किसानों का आरोप है कि कई इलाकों में विभाग के 12 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे के मुकाबले महज चार से पांच घंटे ही बिजली मिल रही है. खरीफ मौसम में धान की फसल को लगातार पानी की जरूरत होने के कारण अनियमित बिजली आपूर्ति का सीधा असर सिंचाई पर पड़ रहा है.

12 घंटे आपूर्ति का दावा, खेतों तक नहीं पहुंच रही पर्याप्त बिजली

विद्युत विभाग की ओर से कृषि फीडर के माध्यम से किसानों को प्रतिदिन करीब 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है. उमरपुर के किसान राधामोहन राय, उमप्रकाश राम, बोकसा के रामजी और चुरामनपुर के विवेक पांडेय का कहना है कि जमीनी स्थिति अलग है. कई क्षेत्रों में कृषि फीडर से चार से पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है.

फाल्ट आया तो दो-तीन दिन तक सिंचाई प्रभावित

किसानों के अनुसार कृषि फीडर में थोड़ी सी खराबी आने पर समस्या और गंभीर हो जाती है. फाल्ट होने के बाद कई बार उसे ठीक करने में दो से तीन दिन तक लग जाते हैं. इस दौरान खेतों की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती है. धान के पौधों को समय पर पानी नहीं मिलने से फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी रहती है.

मजबूरी में डोमेस्टिक फीडर से कर रहे सिंचाई

कृषि फीडर से पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण कई किसान डोमेस्टिक फीडर का सहारा लेकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि कृषि फीडर बनाने का उद्देश्य खेती के लिए अलग और नियमित बिजली उपलब्ध कराना था, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने से उन्हें विभागीय व्यवस्था का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है.

किसानों ने तत्काल मरम्मत की मांग उठायी

किसानों ने कृषि फीडरों की नियमित निगरानी और फाल्ट आने की स्थिति में तत्काल मरम्मत की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि कृषि फीडर से नियमित 12 घंटे बिजली मिले और खराबी होने पर जल्द आपूर्ति बहाल की जाये, तो धान समेत अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई समय पर हो सकेगी.


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By Prabhat khabar news desk

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