बक्सर : स्वच्छ भारत मिशन के तहत बक्सर जिला को ओडीएफ घोषित करने में प्रशासन जी जान से जुट गया है. वैसे घरों में जहां अभी तक शौचालय नहीं बने हैं, वहां पर भी शौचालय बनाने के लिए सर्वे करने का काम स्वच्छाग्रहियों को सौंपा गया है.
स्वच्छता दूत कहलाने वाले स्वेच्छाग्रहियों को डीआरडीए के निदेशक कुमार अनुज ने बुधवार को निर्देश देते हुये कहा कि जिला की सभी पंचायतों को हर हाल में 2 अक्तूबर 2019 तक ओडीएफ घोषित करने का मुहिम छेड़ा गया है. खुले में शौच से मुक्त करने को लेकर स्वच्छाग्रहियों को पंचायतों में रवाना करते हुए कहा कि आपके के प्रयासों के फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में शेष बचे शौचालय का निर्माण कार्य पूरा करना है.
इसके लिए स्वच्छाग्रहियों से अपील की गयी कि सभी पंचायतों में सर्वे का काम पूरा कर कर एमआइएस से वैसे लोगों का नाम हटाने में मदद करें, जो अब नहीं रहे या अभी तक अज्ञात हैं. उन्होंने लोगों से अपील किया कि लोग खुले में शौच न करें. डीआरडीए के निदेशक ने कहा कि सर्वे करने वाले स्वच्छाग्रहियों के भुगतान का काम 47 फीसदी पूरा कर लिया गया है. शेष बचे लोगों को भी काम पूरा होते ही भुगतान कर दिया जायेगा.
इस मौके पर स्वच्छ भारत अभियान के डिस्ट्रिक को-ओर्डिनेटर प्रदीप ने बताया कि स्वच्छाग्रहियों को चार चरणों में भुगतान किया जाता है. पहले चरण में गड्ढा खोदकर वाट्सएप पर अपलोड करने पर 25 फीसदी, दूसरे चरण में पैन सेट करने पर 50 फीसदी, तीसरे चरण में दीवार खड़ा करने पर 50 फीसदी और चौथे चरण में छत का काम वाट्सएप पर अपलोड करने पर 25 फीसदी कर दिया जायेगा.
