बक्सर : नगर थाना क्षेत्र के स्टेशन के समीप स्थित एक लॉज में आरा का एक अपराधी अपना नाम बदलकर 14 दिनों से छिपा हुआ था. जब इसकी सूचना आरा पुलिस को लगी तो उसने एक टीम बक्सर भेजा. इसके बाद बक्सर व आरा की संयुक्त पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए गयी, लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही भागने में सफल रहा. पुलिस को वहां से खाली हाथ ही लौटना पड़ा. मिली जानकारी के अनुसार स्टेशन के पास स्थित लॉज में एक अपराधी अपना नाम पता गलत लिखकर 16 जुलाई से रह रहा था.
jj14 दिन तक लॉज में रहा अपराधी पुलिस के पहुंचने से पहले ही भागा

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बक्सर : नगर थाना क्षेत्र के स्टेशन के समीप स्थित एक लॉज में आरा का एक अपराधी अपना नाम बदलकर 14 दिनों से छिपा हुआ था. जब इसकी सूचना आरा पुलिस को लगी तो उसने एक टीम बक्सर भेजा. इसके बाद बक्सर व आरा की संयुक्त पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए गयी, लेकिन वह […]
वह और उसका एक साथी पूरे शहर में छिपकली मारने की दवा बेच रहे थे. दोनों प्रतिदिन सुबह रिक्शा पर सवार हो जाते और अपने प्रोडक्ट का लाउड स्पीकर से प्रचार करते थे. दोनों 29 जुलाई तक छिपकिली मारने की दवा बेचे. शनिवार की रात करीब दस बजे वह लोग चुपके से लॉज छोड़कर चलते गये.
अपराधी ने लॉज में अपना नाम संजय कुमार, पता गांव रामपुर दर्ज कराया है. इसी बीच उनके रहने की सूचना आरा पुलिस को मिल गयी. सूचना मिलते ही आरा पुलिस ने बक्सर पुलिस के सहयोग से बक्सर लॉज में छापेमारी की. लेकिन अपराधी व उसका साथी छह घंटे पहले की लॉज छोड़कर जा चुके हैं. जब पुलिस ने जांच किया तो पाया कि लॉज संचालक के पास पिछले 14 दिनों से रहने वाले लोगों का पहचान पत्र तक नहीं लिया.
वहीं दूसरी ओर यह प्रश्न उठा रहा है कि हर दिन लॉज संचालकों को अपने यहां रह रहे गेस्ट की सूचना पुलिस को देनी होती है. उसका पहचान पत्र भी पुलिस को देना होता है. जिसकी जांच पुलिस को करनी होती है, लेकिन इस नियम की धज्जियां लॉज संचालक और पुलिस कर्मी उड़ा रहे हैं. नगर प्रभारी थानाध्यक्ष असलम शेर अंसारी ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है.