बक्सर : अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर रसोइयों ने मंगलवार को शहर के किला मैदान से जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. रसोइयों ने राष्ट्रीय महासंघ के बैनर तले संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो़ जुल्फीकार अली के नेतृत्व में जुलूस निकाला. जुलूस में शामिल रसोइयों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
दस सूत्री मांगों को लेकर रसोइयों ने किया प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
बक्सर : अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर रसोइयों ने मंगलवार को शहर के किला मैदान से जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. रसोइयों ने राष्ट्रीय महासंघ के बैनर तले संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो़ जुल्फीकार अली के नेतृत्व में जुलूस निकाला. जुलूस में शामिल रसोइयों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जुलूस किला मैदान […]

जुलूस किला मैदान से निकलकर पुलिस चौकी, ज्योति चौक, आंबेडकर चौक होते हुए डीएम कार्यालय पहुंच कर धरना में तब्दील हो गया. इसके पहले किला मैदान में सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 12 महीने काम करने के बाद दस माह का ही वेतन मिलता है.
मात्र पंद्रह सौ रुपये मानदेय पर काम करना कठिन है. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान महंगाई को देखते हुए रसोइयों के मानदेय में वृद्धि होना चाहिए. फुल टाइम ड्यूटी कराकर 27 रुपये दैनिक मजदूरी देना कहीं से भी उचित नहीं है. जब तक संवैधानिक अधिकार रसोइयों को प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
बिहार प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण मोहन ठाकुर ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्वक जीने का अधिकार प्राप्त है, इसलिए रसोइयों की नौकरी स्थायी किया जाये. वक्ताओं ने कहा कि यदि सभी मांगों का निदान शीघ्र नहीं किया गया तो रसोइया 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चली जायेंगी.
सभा को संबोधित करने वालों में सरस्वती कुशवाहा, शशिकांत सिंह, गुड़िया देवी, सावित्री देवी, भागीरथी देवी, बिंदा देवी, अशोक शर्मा, रजिया बेगम, माजदा खातून, मंजू देवी, श्याम सुंदरी, राधिका देवी, देवांती देवी, शारदा देवी, उषा देवी, विद्यावती देवी आदि मौजूद थी.
ये है मुख्य मांगें
रसोइयों को शिक्षा विभाग के सर्वशिक्षा अभियान व अनिवार्य शिक्षा स्कीम के तहत चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की मान्यता प्रदान की जाये.
बकाया वेतन का भुगतान शीघ्र किया जाये
रसोइयों को भारतीय स्कीम वकर्स से संबंधित 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की अनुशंसा लागू करने की मांग- रसोइयों को सरकार द्वारा पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, ड्रेस कोड, प्रतिवर्ष ड्रेस भत्ता के रूप में दस हजार रुपये देने की मांग रसोइयों को सरकारी धन से पेंशन बीमा व दस लाल का जीवन बीमा व दुर्घटना बीमा का लाभ दिये जाने की मांग 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग