बक्सर : शनिवार को आईएमए के आह्वान पर जिले के सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय सेवा बाधित रही. जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में शनिवार को ओपीडी की सेवाएं चिकित्सकों ने नहीं दी, जिसको लेकर मरीज एवं परिजन काफी परेशान दिखे. अस्पताल, नर्सिंग होम एवं क्लिनिकों में केवल इमरजेंसी मरीजों को ही सेवाएं दी गयीं. आईएमए द्वारा पूर्व नियोजित धिक्कार दिवस के रूप में बंद का आह्वान किया गया था.
बंद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को समाप्त कर नयी संस्था नेशनल मेडिकल काउंसिल के प्रस्ताव का विरोध करने के लिए किया गया. इसको लेकर नगर के नेहा नर्सिंग होम में चिकित्सकों ने एक बैठक भी की. बैठक की अध्यक्षता आईएमए के अध्यक्ष डॉ महेंद्र प्रसाद ने की. बैठक में प्रस्तावित एमसीआई की विभिन्न त्रुटियों पर विस्तार से चर्चा की गयी और केंद्र सरकार द्वारा इसमें उचित संशोधन की मांग की गयी. बैठक में डॉ सीएम सिंह, आइएमए के सचिव डॉ बीके सिंह, डॉ शैलेश कुमार राय, डॉ पीके पांडेय, डॉ एडी उपाध्याय, डॉ जयंत राय, डॉ संतोष कुमार समेत अन्य डॉक्टर शामिल थे.
सदर अस्पताल का ओपीडी रहा बंद : सदर अस्पताल में भी ओपीडी की सेवाएं शनिवार को आईएमए के आह्वान पर ठप रही. कोई भी चिकित्सक सदर अस्पताल के ओपीडी में अपनी ड्यूटी नहीं की, जिसको लेकर सदर अस्पताल पहुंचनेवाले करीब 450 मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी. वहीं इमरजेंसी की सेवाएं सदर अस्पताल में मरीजों को दी गयीं, जिससे कि इमरजेंसी के मरीजों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा.
