सदर अस्पताल में रोज पहुंच रहे पांच सौ मरीज
सर्दी-बुखार के मरीजों में इजाफा
बक्सर : मौसम का मिजाज बदलते ही अस्पतालों में रोगियों की संख्या में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. वायरल डिजीज होने का भी खतरा बढ़ गया है. सदर अस्पताल में आम दिनों में औसतन 300 रोगी ओपीडी में इलाज कराते थे. जबकि बदलते मौसम के कारण रोगियों की संख्या फिलहाल 500 से अधिक पहुंच गयी है. इनमें अधिकतर बच्चे व बुजुर्ग हैं. अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो बदलते मौसम में सिजनल बुखार होने का खतरा बना रहता है. अधिकतर रोगी बुखार और सिरदर्द से पीड़ित होकर इलाज कराने आ रहे हैं. ऐसे में विशेष सावधानी रखनी चाहिए.
ये बरतें सावधानियां : शरीर को भीगने से बचाएं. तीन दिन से अधिक बुखार होने पर इलाज कराएं. फ्रिज के पानी से परहेज करें, हो सके तो ताजा और शुद्ध पानी का सेवन करें. चौक-चौराहा पर खुले में बिकनेवाले खाद्य सामग्री न खाएं. हाथ को धोकर ही खानेवाले चीजों का उपयोग करें. अगर कहीं भींग गये हो तो तुरंत शरीर को सुखाकर सूखे कपड़े पहने. छोटे बच्चों को संभाल कर रखें. स्कूल जानेवाले बच्चों को रेनकोट अवश्य दें.
बच्चों पर रखें नजर : बदलते मौसम में सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों को होता है. नमी वह गर्मी के कारण गले में खराश, बुखार होने का भी खतरा बना रहता है. बच्चों का शरीर बहुत नाजुक होता है. ऐसे में उन्हें अधिक गर्मी और नमी से बचाकर रखना चाहिए. निजी क्लिनिक में भी 15 से 20 फीसदी रोगियों का इजाफा हुआ है इनमें अधिकतर बच्चे होते हैं. इस संबंध में सदर अस्पताल के जेनरल फिजिशियन डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने कहा कि अस्पताल में रोगियों का इजाफा हुआ है. अस्पताल में सर्दी, बुखार व दर्द के अधिक मरीज आ रहे हैं.
