50 प्रतिशत से अधिक विकलांगतावालों को रेफर किये जाने पर हुआ हंगामा
चक्की : गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उस समय अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी. जब दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने आये कुछ लोगों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. हंगामे के दौरान पीएचसी में लगे दरवाजे, कुर्सी व टेबुल को भी नुकसान पहुंचाया गया. जानकारी के अनुसार गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर दिव्यांगों को स्वास्थ्य जांच कर प्रमाणपत्र दिया जा रहा था. इसी दौरान लक्ष्मण डेरा से आयी आशिता कुमारी को दिव्यांग प्रमाणपत्र दिये जाने से डॉक्टरों द्वारा इन्कार कर दिया गया और उसे रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों का कहना था कि इसकी आवाज समुचित इलाज होने पर लौट सकती है.
इसी बात पर उस लड़की के परिजन व वहां उपस्थित ब्लॉक प्रमुख व उपप्रमुख सहित अन्य भड़क गये व हंगामा करने लगे. हंगामा कर रहे लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर 50 प्रतिशत से अधिक निःशक्ततावालों को अन्यत्र रेफर किये जाने व अपने चहेतों को प्रमाणपत्र दिये जाने का आरोप लगा जमकर बवाल किया और पीएचसी के फर्नीचर को तोड़ने लगे. मौके पर एसडीओ डुमरांव ललन प्रसाद व डीएसपी पहुंच और प्रमुख दिनेश राम बिंद और उप प्रमुख भोला पासवान को गिरफ्तार कर लेते गये.
31 लोगों को दिया गया विकलांगता प्रमाणपत्र : दिव्यांगता जांच शिविर के दौरान चक्की पीएचसी पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगहों से आये कुल 31 दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य जांच कर निःशक्तता प्रमाणपत्र बांटा गया. उक्त आशय की जानकारी देते हुए प्रभारी डॉक्टर आरएस श्रीवास्तव ने बताया कि बक्सर से आयी डॉक्टरों की टीम द्वारा शिविर में आये कुल 31 लोगों को प्रमाणपत्र दिया गया. वहीं कुछ लोगों को विशेष जांच के लिए सदर अस्पताल बक्सर रेफर किया गया.
