Bihar Electricity: बिहार के लोगों को बिना किसी रुकावट बिजली मिले, इसके लिए बक्सर के चौसा में थर्मल पावर प्रोजेक्ट की दूसरी यूनिट को जल्द ही चालू किया जाएगा. इससे राज्य को 561 मेगावाट बिजली मिलने की उम्मीद है. एक्सपर्ट का मानना है कि इससे न केवल बाहरी सोर्स पर निर्भरता कम होगी, बल्कि कंज्यूमर को पहले से ज्यादा बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सकेगी.
क्या कहना है एक्सपर्ट का?
जानकारी के मुताबिक, 660 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट के शुरू होने के साथ ही चौसा परियोजना की टोटल प्रोडक्शन कैपेसिटी 1320 मेगावाट हो जाएगी. इसमें से बिहार का हिस्सा बढ़कर 1122 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है. यह परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन रही है. साल 2013 में शुरू हुई इस परियोजना को जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों के कारण कई बार रुकावटों का सामना करना पड़ा. मुआवजे को लेकर किसानों के विरोध ने काम को प्रभावित किया था.
कौन करा रहा यूनिट का निर्माण?
परियोजना का निर्माण हिमाचल प्रदेश और केंद्र सरकार के संयुक्त उपक्रम एसजेवीएन की ओर से किया जा रहा है. पहली यूनिट को अगस्त 2025 में राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा गया और उसी महीने इसका उद्घाटन किया गया. यह संयंत्र सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है, जिसे अपेक्षाकृत अधिक दक्ष और कम प्रदूषणकारी माना जाता है. इसी बीच राज्य सरकार रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है.
बिजली विभाग की 1 अप्रैल से नई व्यवस्था
बिजली में बिजली की खपत को लेकर नई व्यवस्था लागू होने वाली है. बिहार के 87 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर कंज्यूमर्स के लिए नई व्यवस्था होगी. अब बिजली की दरें घड़ी की सुइयों यानी समय के हिसाब से तय होंगी. इस नई व्यवस्था को ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ नाम दिया गया है.
इसका सीधा मतलब यह है कि अब पूरे 24 घंटे बिजली की एक समान दर नहीं रहेगी. 1 अप्रैल से आपके घर के स्मार्ट मीटर में लगा सॉफ्टवेयर यह देखेगा कि आप किस समय कितनी बिजली जला रहे हैं और उसी आधार पर बिल की कटौती करेगा.
Also Read: आधी रात पटना समेत 5 जिलों में आंधी-बारिश, आज पूरे बिहार में अलर्ट, गिरेगा पारा
