तीन गुना ज्यादा रेट पर खरीद ली गयीं 30 लाख की दवाएं

बक्सर : जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा करीब 30 लाख रुपये की दवा खरीद मामले में जमकर अनियमितता बरतने का मामला प्रकाश में आया है. यह हम नहीं संबंधित जिलों से दवा खरीद को लेकर मिले आंकड़ें बताते हैं. दवा खरीद के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति ने अन्य जिलों से तीन गुना रेट से ज्यादा […]

बक्सर : जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा करीब 30 लाख रुपये की दवा खरीद मामले में जमकर अनियमितता बरतने का मामला प्रकाश में आया है. यह हम नहीं संबंधित जिलों से दवा खरीद को लेकर मिले आंकड़ें बताते हैं. दवा खरीद के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति ने अन्य जिलों से तीन गुना रेट से ज्यादा महंगी दवा की खरीदारी कर ली. बगैर टेंडर की दवा खरीदारी मामले को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर अब सवालिया निशान भी खड़े होने लगे हैं. वहीं विभाग के अधिकारी इस मामले को लीपापोती करने में जुट गये हैं.

राज्य के सभी जिला अस्पतालों में दवा उपलब्ध करानेवाली बीएमएसआईसीएल दवा कंपनी ने जहां एपीसिलीन वायल का रेट 5 रुपये 71 पैसे रखा है, उसी वायल को जिला समिति के द्वारा 18 रुपये यानी तीन गुना ज्यादा रेट में दवा खरीद की है. वहीं दवा कंपनी ने अमिनोफीलिन वायल का रेट 8 रुपये 45 पैसे रखा है तो उस दवा को 20 रुपये प्रति वायल की दर से समिति के द्वारा खरीद की गयी है. दवा कंपनी जहां एपीसिलीन का रेट 5 रुपये 92 पैसे रखी है उसी दवा को समिति ने 17 रुपये की रेट से खरीदारी की है. दवा कंपनी के बाद मार्च माह में जहां बिहार के अन्य जिले में खरीद की गयी दवा को लेकर जब रेट की जानकारी प्राप्त की गयी तो अन्य जिलों से भी ज्यादा दाम पर बक्सर जिला समिति के द्वारा दवा की खरीद कर ली गयी है.

दवा की कीमतों में यह रहा अंतर : सिविल सर्जन जहानाबाद के द्वारा जहां ऑक्सीटोसिन वायल 7 रुपये 90 पैसे व मिसोप्रोस्टल टैबलेट 10 रुपये पांच पैसे प्रति पीस का वर्क ऑर्डर दिया गया है. वहीं बक्सर सिविल सर्जन ने ऑक्सीटोसिन 16 रुपये व मिसोप्रोस्टल टैबलेट 10 रुपये पांच पैसे की दर से खरीद की है. जबकि सिविल सर्जन मुजफ्फरपुर के द्वारा आइएफए टैबलेट महज 0.14 पैसे प्रति टैबलेट की दर से खरीदारी के लिए वर्क आर्डर दिया गया. इसी दवा को बक्सर जिला स्वास्थ समिति के द्वारा 1.1 रुपये की दर से खरीदारी की गयी. रोहतास सीएस के द्वारा कॉर्ड क्लैंप 8 रुपये 90 पैसे, म्यूकस सुकर 15 रुपये 60 पैसे, नेफेडलिपिंन 0.90 पैसे, फोली कैथेटर 45 रुपये का वर्क आर्डर दिया गया.
बक्सर सिविल सर्जन के द्वारा कॉर्ड क्लैंप 12 रुपये, म्यूकस सूकर 28 रुपये, नेफेडलिपिंन 1.4 रुपये, फोली कैथेटर 48 रुपये मैं खरीद की गयी है.
80 किलोमीटर की दूरी पर बदल गये रेट : बक्सर के जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा खरीद की गयीं करीब 30 लाख रुपये की दवाओं का रेट 80 किलोमीटर की दूरी में तीन गुना से अधिक बढ़ाकर खरीदा गया है. जबकि रोहतास, जहानाबाद एवं मुजफ्फरपुर जिले में वहीं दवा की खरीदारी कम रेट पर की गयी है.
प्रभात खबर ने पांच अप्रैल को पेज नंबर तीन पर मार्केट रेट से ज्यादा कीमत पर हो रही दवा की खरीद शीर्षक से एक खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. जिस पर डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने संज्ञान लेते हुए इसकी रिपोर्ट की मांग सिविल सर्जन से की है. डीएम के संज्ञान लेने के बाद मामले की लीपापोती करने में जिला स्वास्थ्य समिति जुट गया है.
दवा खरीद मामले में डीएम ने लिया संज्ञान
डीएम ने कहा, जांच के लिए गठित होगी विशेष टीम
इस तरह की अनियमितता की जानकारी जिला प्रशासन के संज्ञान में अभी तक नहीं आयी है. मीडिया से मिली जानकारी को जिला प्रशासन गंभीरतापूर्वक लेता है. इस पूरे मामले की जांच करायी जायेगी. जांच में दोषी पाये जानेवाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी. जांच को लेकर एक विशेष टीम का गठन किया जायेगा.
अरविंद कुमार वर्मा, जिलाधिकारी, बक्सर

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