20 श्रमिकों को जल्द ही मिलेगा योजना का लाभ
बक्सर : श्रमिकों की बेटियों के हाथ पीले कराने के लिए श्रम विभाग पूरी तरह से जुट गया है. बिहार भवन एवं निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के द्वारा जिले के कुल 20 श्रमिकों की बेटियों के शादी के लिए 50-50 हजार रुपये दिये जाने हैं. यह राशि श्रम विभाग सीधे लाभ पानेवाले श्रमिकों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेज देगा. श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के लिए राज्य सरकार के द्वारा उनकी बेटियों की शादी के लिए उक्त राशि दी जा रही है. हालांकि बक्सर जिले में पहली बार श्रमिकों की बेटियों के हाथ पीले कराने के लिए सरकार के द्वारा यह राशि दी जायेगी. इसको लेकर कागजी कार्रवाई शुरू हो गयी है.
बहुत जल्द ही जिले की 20 बेटियों की शादी के लिए श्रम विभाग के द्वारा राशि उपलब्ध करा दी जायेगी. सरकार के इस कार्य से श्रमिकों को अपनी बेटियों की शादी में काफी मदद मिलेगी. जिले में पहले से 14850 निबंधित श्रमिक हैं. वहीं नये सिरे से 18 सौ श्रमिक और जुड़ गये हैं. कुल मिलाकर अब तक 16650 श्रमिक जिले में फिलहाल पंजीकृत हैं.
कैसे मिलता है लाभ : इस योजना का लाभ वैसे श्रमिक को मिलता है, जिसका निबंधन श्रम विभाग में तीन साल पूरा हो गया हो. वैसे श्रमिकों को अपनी बेटी की शादी के लिए पहले श्रम विभाग में आवेदन देना पड़ता है, जिसमें आधार कार्ड, पंजीयन कार्ड, बैंक खाता, आदि कागजात जमा करने पड़ते हैं. इसके बाद विभाग पात्रता की जांच करने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर श्रमिकों के खाते में पैसा आरटीजीएस करता है.
दो पुत्रियों को ही मिलेगा लाभ : अगर किसी एक श्रमिक की दो से ज्यादा बेटियां हैं तो इसका लाभ सभी को नहीं मिल पायेगा. हर श्रमिक को केवल उनकी दो बेटियों की शादी के लिए ही पैसा मिलेगा. दो से ज्यादा अगर बेटियों की संख्या हुई तो शेष बेटियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पायेगा.
किस मजदूर का होगा निबंधन : श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मजदूर किसी भी वर्ग को हो उसका सरकारी नियमानुसार निबंधन श्रम विभाग करने के लिए अधिकृत है. मजदूर चाहे एपीएल या बीपीएल से आता हो सबों का निबंधक किये जाने का प्रावधान है. निबंधन के समय परिचय प्रमाणपत्र के साथ आवेदन जमा करना पड़ता है.
विभाग ने शुरू की कार्रवाई
श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए 20 आवेदन विभाग को प्राप्त हैं, जिसको लेकर विभाग कार्रवाई शुरू कर दिया है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्दी ही आरटीजीएस के माध्यम से श्रमिकों के खाते में पैसा भेजा जायेगा.
जगदानंद दुबे श्रम अधीक्षक, बक्सर
