फिलहाल दो कमरों में चलता है जीआरपी थाना
बक्सर : बक्सर जीआरपी थाना को हाईटेक करने की कवायद शुरू हो गयी है. बहुत जल्द स्टेशन परिसर में एक करोड़ रुपये की लागत से चकाचक नया थाना भवन दिखने को मिलेगा. इसके लिए रेलवे ने दो जगहों पर जमीन को चिह्नित भी कर लिया है. निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होनेवाला है. एक जमीन पैनल के समीप बने पार्क और दूसरा गीतांजलि होटल के सामने रेलवे की खाली जमीन का चयन थाना बनाने के लिए किया गया है. रेल सूत्रों की मानें तो पैनल के समीप बने पार्क पर बनाने का प्रस्ताव भेज गया है. बता दें कि 21 अप्रैल 1904 को बक्सर में पहली बार जीआरपी थाना बनाया गया था. इसके बाद दो कमरे में पूरा थाना चलता है, जहां पुलिसवालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
तीनमंजिला होगा जीआरपी भवन : जीआरपी का नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. नया भवन तीन तला बनेगा, जिसमें एक तला वाहन पार्किंग और थाना के कामकाज रखने के लिए बनाया जायेगा. वहीं दूसरे मंजिल पर जीआरपी थाना का कार्यालय और कंप्यूटर रूम बनाया जायेगा. तीसरे मंजिल पर स्काॅर्ट टीम के जवानों को ठहरने के लिए बैरक रहेगा. साथ ही जीआरपी के जवान भी रहेंगे. नीचे वाला तला पूरा खुला रहेगा.
हाईटेक बनेगा जीआरपी थाना : कामों के बोझतले पुलिस महकमा को राहत मिलेगी. जीआरपी थाना को आधुनिक तकनीक से लैस करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. थाना को ऑनलाइन व अत्याधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जायेगा. पीड़ित घर बैठे ही प्राथमिकी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे. वहीं पुलिस एक क्लिक करके अपराधियों की जन्मकुंडली का पता लगा लेगी.
सरकारी आवास में चलता है डुमरांव जीआरपी : डुमरांव जीआरपी के पास आजतक अपना भवन नहीं है. रेलवे कर्मियों के आवास में डुमरांव जीआरपी थाना चलता है, जिससे पुलिस कर्मियों को काम करने में काफी परेशानी होती है. सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के दिनों में होती है. छत से पानी चुता है. साथ ही आने-जाने में भी काफी परेशानी होती है.
