बक्सर : लक्ष्मणपुर गांव में 21 फरवरी को हुई अवध बिहारी की हत्या पुरानी रंजिश का एक परिणाम बताया जा रहा है. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. दोनों गिरफ्तार युवक कुख्यात सुरेश राजभर के भाई मुन्ना राजभर के गुर्गे हैं. उक्त बातें सदर एसडीपीओ शैशव यादव ने सोमवार को एसडीपीओ कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान कहीं. उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को राजपुर थाना के लक्ष्मणपुर डेरा में एक युवक को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.
जब मामले की जांच की गयी तो पता चला कि इस कांड में कुख्यात सुरेश राजभर का भाई मुन्ना राजभर शामिल है. सूचना मिलते ही इलाके में छापेमारी की गयी. इसी बीच सूचना मिली कि कैमूर के खरिका गांव के धर्मावती नदी किनारे कुछ लोग जुटे हुए हैं. सूचना मिलते ही छापेमारी की गयी तो वहां से दारोगा राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि कुछ सहयोगी देवल पुल पार कर यूपी जाने की तैयारी में हैं.
पुलिस ने देवल पुल पर छापेमारी की, जहां पुलिस ने रामनिवास राजभर को गिरफ्तार कर लिया. वहीं पुलिस को देखते ही कुख्यात सुरेश राजभर का भाई मुन्ना राजभर भागने में सफल रहा. अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि सुरेश की मौत के बाद मुन्ना बागी मोर्चा का सदस्य बना.
उसके बाद से ही दोनों मुन्ना के साथ रहकर घटनाओं को अंजाम देने का काम करते थे. उन्होंने बताया कि दारोगा राय के साले की मौत वर्ष 2010 में पुलिस इनकाउंटर में हो गयी थी. बता दें कि 21 फरवरी को लक्ष्मणपुर डेरा के रहनेवाले अवध बिहारी शाम को संगराव से बाजार से सामान खरीदकर अपने घर लौट रहे थे. इसी बीच सोनपा रजवाहा के चना पुल के समीप घात लगाये अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद परिजनों ने कुख्यात सुरेश राजभर के भाई मुन्ना राजभर के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी.
