बक्सर कोर्ट : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अशोक कुमार पांडेय सह विशेष न्यायाधीश ने दुष्कर्म के एक मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही अलग-अलग धाराओं में कुल एक लाख 60 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश सुनाया है. न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि क्षतिपूर्ति की राशि को अभियुक्त के संपत्ति से भी रिकवर किया जा सकता है.
न्यायालय ने भारतीय दंड विधान की धारा 366 के तहत सात वर्षों की सजा एवं दस हजार जुर्माना तथा जुर्माना नहीं देने की अवस्था में तीन वर्ष की और कारावास एवं 376 आईपीसी के तहत 10 वर्षों की सजा एवं एक लाख का जुर्माना के साथ-साथ 50 हजार पीड़ित फंड से देने का आदेश सुनाया है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. गौरतलब हो कि तीन नवंबर 2014 को सिमरी थाना के नचाप गांव की रहनेवाली नाबालिग लड़की को उसके एक रिश्तेदार ने ट्यूशन से लौटने के क्रम में मंदिर में दर्शन कराने के बहाने अपहरण कर लिया था तथा उसके साथ 10 दिनों तक दुष्कर्म करता रहा.
उक्त घटना को लेकर लड़की के पिता ने अपने रिश्तेदारों पर सिमरी थाना में प्राथमिकी संख्या 28 सन 2014 दर्ज करायी थी. हालांकि न्यायालय ने पिछले दिनों सुनवाई के दौरान अभियुक्त के पिता को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था. वहीं मुख्य अभियुक्त को मंगलवार को न्यायालय ने उक्त सजा सुनायी है. इस आशय की जानकारी अपर लोक अभियोजक सह विशेष अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने दी.
