प्राथमिक स्कूल बंद पर आंगनबाड़ी केंद्र हैं खुले

डुमरांव : जिला प्रशासन ने हाड़ कंपा देने वाली ठंड को देखते हुए प्राथमिक विद्यालय सहित निजी स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया है. वहीं, दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन हो रहा है. यहां छह वर्ष तक के बच्चे पढ़ने आते हैं. इस कड़ाके की ठंड में जहां आम से खास लोगों तक […]

डुमरांव : जिला प्रशासन ने हाड़ कंपा देने वाली ठंड को देखते हुए प्राथमिक विद्यालय सहित निजी स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया है. वहीं, दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन हो रहा है. यहां छह वर्ष तक के बच्चे पढ़ने आते हैं. इस कड़ाके की ठंड में जहां आम से खास लोगों तक की दिनचर्या पूरी तरह बाधित है. भगवान भास्कर भी दोपहर बाद आंख खोलते हैं, उसमें भी ठंड कमने का नाम नहीं ले रहा है. ठंड में आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़नेवाले बच्चों के परिजन भेजने से कतराते दिख रहे हैं. भले ही केंद्र संचालन का समय दोपहर 12 से दो बजे तक हो चुका हो, लेकिन ठंड के चलते केंद्र पर उपस्थिति कम देखने को मिल रही है.

केंद्र पर 12 बजे तक बच्चों की संख्या नगण्य रहती है और दो बजे केंद्र पर बच्चे दिखते नहीं. इस बाबत सेविका कहती है कि ठंड की वजह से परिजन बच्चों को केंद्र पर नहीं भेज रहे हैं. तीन-चार बार घर जाने के बावजूद भी परिजन बच्चों को नहीं भेजते. एक तरफ ठंड को देखते हुए विद्यालयों में एक से पांच तक की कक्षा बंद करने का निर्देश जारी हो चुका है, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन जारी रहने से बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है. बच्चे ठिठुरते हुए पीठ पर बैग लिये केंद्र पर पहुंचते हैं.
सेविकाएं भी डरती हैं कि बच्चों को ठंड न लग जाये. अधिकतर केंद्र झोंपड़ीनुमा किराये के मकान में चलते हैं, जहां बच्चे ठंड में सुरक्षित नहीं दिखते. केंद्र पर बच्चों को जमीन पर दरी बिछाकर बैठाया जाता है. फर्श ठंड के कारण काफी शीतल हो जाता है, जिस पर बैठने के साथ ही बच्चों के शरीर में कंपकंपी शुरू हो जाती है.
बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार
12 से दो बजे तक हो रहा केंद्र का संचालन
बच्चों की तबीयत बिगड़ने को लेकर सहमे परिजन
हाड़ कंपा देनेवाली ठंड से केंद्र पर उपस्थिति कम
बुधवार को बच्चों के बीच हुआ अंडा वितरण
क्या कहती हैं सीडीपीओ
आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के लिए बिहार सरकार से निर्देश अभी नहीं मिला है. आंगनबाड़ी संचालन की समयावधि बदलकर दोपहर 12 बजे से दो बजे तक कर दिया गया है. बच्चों को पौष्टिक आहार देने के बाद पुन: छुट्टी कर दी जाती है. आदेश आने पर आंगनबाड़ी केंद्र को पूरी तरह से बंद कर दिया जायेगा.
डॉ चांदनी, प्रभारी सीडीपीओ

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