बेटे का शव लाने के लिए पिता को नहीं जुट रहे पैसे

बक्सर : गरीबी क्या होती है कोई उमाशंकर शर्मा से पूछे. उमाशंकर की लिखी चिट्ठी को पढ़ना चाहिए, जो अपने बेटे के शव लाने के लिए चेन्नई जाने तक का उनके पास पैसा नहीं है. चिट्ठी में उन्होंने अपने रिश्तेदारों से शव सौंपने की गुहार लगायी है. नावानगर-सोनवर्षा ओपी के उसरा गांव निवासी प्रदीप कुमार […]

बक्सर : गरीबी क्या होती है कोई उमाशंकर शर्मा से पूछे. उमाशंकर की लिखी चिट्ठी को पढ़ना चाहिए, जो अपने बेटे के शव लाने के लिए चेन्नई जाने तक का उनके पास पैसा नहीं है.

चिट्ठी में उन्होंने अपने रिश्तेदारों से शव सौंपने की गुहार लगायी है. नावानगर-सोनवर्षा ओपी के उसरा गांव निवासी प्रदीप कुमार शर्मा की सोमवार को चेन्नई में सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी. शव लेने के लिए वहां से जब फोन किया गया तो उमाशंकर ने ईमेल के द्वारा एक पत्र भेज कर शव को अपने परिजनों को देने की बात कही. उन्होंने लिखा है कि मेरे पास पैसा नहीं है कि मैं वहां आकर अपने बेटे का शव ले जा सकूं. उन्होंने शव अपने रिश्तेदार रमेश शर्मा को सौंपने की बात कही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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