रिश्वत मामले में अमीन को दो वर्षों की हुई सजा

भूमि की पैमाइश के लिए रिश्वत लेते निगरानी ने किया था गिरफ्तार बक्सर कोर्ट : निगरानी विभाग के विशेष न्यायाधीश ब्रज मोहन सिंह ने विजिलेंस केस नंबर 24/2009 के अभियुक्त राम सजन प्रसाद राय को दो वर्षों की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड […]

भूमि की पैमाइश के लिए रिश्वत लेते निगरानी ने किया था गिरफ्तार

बक्सर कोर्ट : निगरानी विभाग के विशेष न्यायाधीश ब्रज मोहन सिंह ने विजिलेंस केस नंबर 24/2009 के अभियुक्त राम सजन प्रसाद राय को दो वर्षों की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड नहीं देने पर पीड़ित को तीन माह अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे. मामला बक्सर के रहनेवाले एक अधिवक्ता का है. जिनकी भूमि के पैमाइश के लिए चकबंदी विभाग के सरकारी अमीन द्वारा 1500 रुपये बतौर रिश्वत के रूप में मांगी जा रही थी,
जिसकी शिकायत अधिवक्ता ने निगरानी विभाग से की थी. उक्त मामले की जांच के लिए निगरानी विभाग के एसआई संतोष कुमार ने चकबंदी कार्यालय पहुंच कर जांच की, जिसे सही पाने के बाद निगरानी की टीम गठित की गयी. टीम का नेतृत्व डीएसपी विजय कुमार श्रीवास्तव ने किया था. मार्च, 2009 में निगरानी की टीम उस समय बक्सर स्टेशन रोड स्थित चकबंदी कार्यालय में धावा बोल सरकारी अमीन राम सजन प्रसाद राय को अधिवक्ता से 1500 रुपये बतौर रिश्वत के रूप में लेते हुए पकड़ा था. उक्त मामले की सुनवाई पटना के विशेष निगरानी न्यायालय में हुई, जहां अपनी गवाही में अधिवक्ता ने पूरे मामले को सही बताते हुए न्यायालय से अभियुक्त को कड़ी सजा देने की मांग की थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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