शहर में बिना ट्रेड लाइसेंस लिए चल रहे कई मॉल

रेसिडेंसियल मकानों में चलायी जा रही कमर्सियल दुकान नगर पर्षद बना मूकदर्शक, हर वर्ष लग रहा लाखों का चूना बक्सर : बक्सर शहरी क्षेत्र में बिना ट्रेड लाइसेंस के ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे हैं. व्यवसाय करने के लिए नगर पर्षद से ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी है. शहर में 200 दुकानें ऐसी हैं जिन्होंने न […]

रेसिडेंसियल मकानों में चलायी जा रही कमर्सियल दुकान
नगर पर्षद बना मूकदर्शक, हर वर्ष लग रहा लाखों का चूना
बक्सर : बक्सर शहरी क्षेत्र में बिना ट्रेड लाइसेंस के ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे हैं. व्यवसाय करने के लिए नगर पर्षद से ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी है. शहर में 200 दुकानें ऐसी हैं जिन्होंने न ट्रेड लाइसेंस ही लिया है और न किसी प्रकार का पर्षद को टैक्स ही देते हैं. इससे हर साल लाखों का चूना नगर पर्षद को लग रहा है. कई आवासीय भवनों का उपयोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में किया जा रहा है. ऐसा कर टैक्स की चोरी की जा रही है.
जिससे नप को भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. बिना लाइसेंस के अगर दुकान संचालित की जा रही हैं तो नगर पर्षद में वैसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है. शहरी क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए ट्रेड लाइसेंस के साथ-साथ हरहाल में टैक्स देना होगा. दिन-प्रतिदिन शहर में बड़े-बड़े मॉल और मकान बनते जा रहे हैं. जिनका आवास के नाम पर टैक्स कटाकर कमर्शियल का उपयोग किया जा रहा है. बिना नक्शा पास कराये ही मकान भी धड़ल्ले से बन रहे हैं.
ट्रेड लाइसेंस लेना होगा जरूरी : बिना ट्रेड लाइसेंस के व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने वाले लोगों को आने वाले दिनों में भारी भरकम टैक्स का सामना करना पड़ेगा. इसको लेकर नगर पर्षद बिना ट्रेड लाइसेंस लिए दुकान चला रहे लोगों को चिह्नित करने का कार्य शुरू कर दिया है. जल्द ही उन दुकान और मॉल मालिकों को जिन्होंने अब तक ट्रेड लाइसेंस नगर पर्षद से नहीं लिया है. उनको नोटिस भेजेगा.
चाय दुकान से लेकर शोरूम के लिए भी लाइसेंस जरूरी : ट्रेड लाइसेंस व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए जरूरी है. इसमें चाय, पान की दुकान से लेकर शोरूम तक चलाने वाले लोगों को लाइसेंस लेना होगा. लाइसेंस लेने के लिए नगर पर्षद से फॉर्म लिया जा सकता है. जहां से फॉर्म लेकर ट्रेड लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं. बिना ट्रेड लाइसेंस लिए दुकान चलाने वालों पर कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजा जायेगा. नोटिस मिलने के बाद उपस्थित नहीं होने पर फाइन भी किया जायेगा.
आवासीय भवनों का हो रहा व्यावसायिक उपयोग : व्यवसाय के लिए सरकार का टैक्स निर्धारित है.टैक्स चोरी करने के लिए आवासीय भवनों का उपयोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में किया जा रहा है. शहर में 60 प्रतिशत दुकानें ऐसी हैं जिनका टैक्स नगर पर्षद को नहीं मिल रहा है. इसका कारण यह है कि उनका उपयोग आवासीय भवनों में हो रहा है. जिससे नप को हर वर्ष लाखों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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