स्कूलों में नहीं है अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा से खिलवाड़

बक्सर : विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं. बच्चों की सुरक्षा से विद्यालय खिलवाड़ कर रहे हैं. अग्निशमन यंत्र नहीं होने के कारण कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं. जिले में 1147 सरकारी तथा लगभग 200 की संख्या में निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं. कुछ विद्यालयों को छोड़ दें तो अधिकतर स्कूलों में […]

बक्सर : विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं. बच्चों की सुरक्षा से विद्यालय खिलवाड़ कर रहे हैं. अग्निशमन यंत्र नहीं होने के कारण कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं. जिले में 1147 सरकारी तथा लगभग 200 की संख्या में निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं. कुछ विद्यालयों को छोड़ दें तो अधिकतर स्कूलों में सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है. निजी विद्यालयों के हर फ्लोर पर अग्निशामक यंत्र होनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और फायर सर्विस की गाइड लाइन के मुताबिक हर स्कूल को इन नियमों को पूरा करना जरूरी होता है लेकिन मुश्किल ये है कि ज्यादातर निजी स्कूल ये मानकर बैठे हैं कि उनके स्कूल में कभी आग जैसा हादसा हो ही नहीं सकता.
फायर सर्विस विभाग के नियमों के मुताबिक : स्कूलों में आग बुझानेवाले सिलिंडर जरूर लगे हों. पानी का टैंक, आग बुझाने की पाइप और मोटर पंप लगी होनी चाहिए. सभी स्कूलों में अलार्म की व्यवस्था अनिवार्य है. स्कूल के हर क्लास में दो दरवाजे जरूरी हैं. आग लगने की स्थिति में आपात निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए.
सभी विद्यालय प्रबंधन को लगाना है अग्निशमन यंत्र
विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र हरहाल में लगाना है. इसके मानकों को पूरा नहीं करनेवाले विद्यालयों के खिलाफ नोटिस किया जायेगा. बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हर चीज को मौजूद रखना है. कुछ सरकारी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र दिया गया है. जहां भी अग्निशमन यंत्र नहीं है वहां पर जल्द ही भेजा जायेगा.
श्रीकृष्ण सिंह, डीइओ, बक्सर

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