ठंड में की लापरवाही तो जाना पड़ेगा अस्पताल

मौसम का सितम. सर्दी में अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या, मलेरिया व टायफाइड के बढ़े मरीज दवाओं की कमी के कारण मरीज परेशान, बाहर से खरीद रहे दवा बक्सर : मौसम बदलने के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने दस्तक देनी शुरू कर दी गयी है. जिले में मलेरिया और बुखार के रोगियों की संख्या […]

मौसम का सितम. सर्दी में अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या, मलेरिया व टायफाइड के बढ़े मरीज

दवाओं की कमी के कारण मरीज परेशान, बाहर से खरीद रहे दवा
बक्सर : मौसम बदलने के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने दस्तक देनी शुरू कर दी गयी है. जिले में मलेरिया और बुखार के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे सदर अस्पताल के ओपीडी में बुखार, जुकाम के रोगियों की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है. जिले में मौसम के बदलाव का असर दिखाई देने लगा है. इसके साथ ही बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिये हैं.
जिले में मलेरिया व टायफाइड के मरीजों की संख्या जिला अस्पताल के अलावा निजी चिकित्सकों के पास भी बढ़ गयी है. अब तक मलेरिया के 21 रोगी पाये जा चुके हैं. जिनका इलाज किया गया है. वहीं टायफाइड के मरीजों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है. मौसम बदलने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा कर रहा है.
उधर, जिला अस्पताल में विगत चौबीस घंटे में बुखार से पीड़ित छह मरीज भर्ती किये गये. सुबह और शाम के समय वातावरण में नमी से ठंड लग रही है. पारा गिरने के साथ ही अब सुबह और शाम के समय ऊनी कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है. मौसम के जानकारों का कहना है कि जल्द ही कड़ाके की सर्दी के साथ कुहासा दस्तक देगा. ज्ञात हो कि पिछले वर्ष नवंबर के द्वितीय सप्ताह में तापमान का अधिकतम स्तर 27.0 एवं न्यूनतम 15.0 डिग्री के आसपास रहा था. जबकि इस साल नवंबर के द्वितीय सप्ताह में अधिकतम स्तर 26.0 एवं न्यूनतम 14 डिग्री चल रहा है.
18 हजार 322 लोगों की जनवरी से अक्तूबर तक हुई जांच
विभागीय आंकड़ों की मानें तो मलेरिया विभाग की ओर से जनवरी से अक्तूबर तक 18 हजार 322 लोगों की स्लाइड बनायी गयी, जिसमें से 16 मरीज पाॅजिटिव मिले. वहीं जिला अस्पताल में 987 मरीजों के परीक्षण में पांच रोगियों में मलेरिया के लक्षण मिले. 1,320 मरीजों के परीक्षण में 159 में टायफाइड के लक्षण मिले, जिनका उपचार किया जा रहा है. अभी तक जिले में इस वर्ष डेंगू और जेई का कोई भी मरीज नहीं मिला है.
नहीं होती फॉगिंग
शहर में फॉगिंग के नाम पर खानापूरी होती रही है. वहीं मलेरिया विभाग भी इस ओर गंभीर नहीं. फॉगिंग मशीन रखे-रखे खराब हो गयी लेकिन उसका उपयोग नगर पर्षद द्वारा नहीं किया गया. जिस कारण मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है.
व्यायाम से होगा फायदा
ठंडक के शुरू व जाने के दौरान लापरवाही बरतना महंगा पड़ता है. इस मौसम में सर्दी, जुखाक, जकड़न और बुखार आम है. इसकी रोकथाम को खान-पान से भी संयमित करें. अदरक, तुलसी, गिलोय गुर्च, चाय में डालकर लें तो जुखाम आदि जल्द सही होता है. वैसे यह मौसम हेल्दी माना जाता है और सुबह का व्यायाम भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता. तबीयत खराब होने पर चिकित्सक का उचित परामर्श लें.
डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह, होमियोपैथिक डॉक्टर
अस्पताल में आये मरीज
वर्ष 2017 के अक्तूबर माह में सदर अस्पताल के ओपीडी में 23,973, पहुंचे, जिसमें भर्ती मरीजों की संख्या 3,691 रही. वहीं पैथोलाॅजी में जांच के लिए 2,759 मरीज पहुंचे, जिसमें मलेरिया के जांच के लिए 114 थे.
मलेरिया-जनवरी में 97 की जांचपाॅजिटिव-शून्य
फरवरी में 78 की जांचपॉजिटिव शून्य
मार्च में 78 की जांचपॉजिटिव दो
अप्रैल में 100 की जांचपॉजिटिव शून्य
मई में 87 की जांचपॉजिटिव एक
जून में 99 की जांचपॉजिटिव शून्य
जुलाई में 116 की जांच पॉजिटिव शून्य
अगस्त में 96 की जांचपॉजिटिव शून्य
सितंबर में 127 की जांचपॉजिटिव दो
अक्तूबर में 116 की जांच पॉजिटिव शून्य
टायफाइड-जनवरी में 99 की जांच11 पाॅजिटिव
फरवरी में 122 की जांचपॉजिटिव 14
मार्च में 132 की जांच पाॅजिटिव 16
अप्रैल में 118 की जांचपॉजिटिव 14
मई में 120 की जांच पॉजिटिव 16
जून में 130 की जांच पॉजिटिव 17
जुलाई में 150 की जांचपॉजिटिव 18
अगस्त में 143 की जांचपॉजिटिव 16
सितंबर में 162 की जांचपॉजिटिव 19
अक्तूबर में 144 की जांचपॉजिटिव 18

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