भड़के लोग. घटना के बाद बंद हो गयीं सभी दुकानें, ज्योति चौक पर देर रात तक चला हंगामा
इटाढ़ी थानाध्यक्ष पर मृतक ने दर्ज कराया था परिवाद
परिजनों ने लगाया आरोप, थानेदार ने देख लेने की दी थी धमकी
बक्सर : बक्सर नगर पर्षद की पूर्व चेयरमैन मीना सिंह के भतीजे विनोद सिंह की हत्या के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने शहर में शनिवार की शाम जमकर उत्पात मचाया. देखते-ही-देखते ज्योति चौक का पूरा इलाका दहशत में आ गया. आक्रोशित लोग हाथों में डंडे लिये हंगामा कर रहे थे. हंगामे को देखते हुए आसपास के दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद कर लिया. तीन घंटे तक आक्रोशित लोग हंगामा करते रहे. भीड़ की चपेट में जो भी आया उसका कोपभाजन होना पड़ा.
तीन घंटे तक हुए उत्पात में पुलिस मूकदर्शक बन सब कुछ देखती रही. आक्रोशित लोग हत्या में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी एवं इटाढ़ी थानाध्यक्ष शमीम अहमद को हटाने की मांग कर रहे थे. परिजनों का कहना था कि इटाढ़ी थानाध्यक्ष पर किसी मामले में परिवाद दर्ज कराया गया था, जिसकी शुक्रवार को गवाही थी. इसी दौरान दोनों के बीच बहस भी हुई थी.
परिजनों का आरोप, गोली लगने के बाद जिंदा थे विनोद, पुलिस ने जान बूझकर किया लेट : परिजनों ने इटाढ़ी थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाये हैं. परिजनों का कहना था कि गोली लगने के बाद विनोद सिंह जिंदा थे. पुलिस अस्पताल ले जाने की जगह पर उन्हें थाने में लेकर आयी, जहां उनकी मौत हो गयी. पुलिस द्वारा जान बूझकर ऐसा किया गया है, जिस कारण उनकी मौत हुई है. थानेदार ने देख लेने की भी धमकी दी थी. घटना को लेकर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल ज्योति चौक पर बना रहा.
पोस्टमार्टम रूम से आक्रोशित लोगों ने विनोद का निकाला शव
शनिवार की शाम हत्या की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में ग्रामीण बक्सर सदर अस्पताल पहुंच गये और पोस्टमार्टम रूम का गेट तोड़कर शव को बिना पोस्टमार्टम कराये ही ज्योति चौक लेकर पहुंच गये, जहां आगजनी कर यातायात को बाधित कर दिया. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार युवकों ने हो हंगामा किया, जिससे शहर में कुछ देर के लिए अराजकता का माहौल कायम हो गया.
पूर्व से चला आ रहा है भूमि विवाद
अब तक की तफ्तीश में यही बात सामने आयी है कि भूमि विवाद में घटना को अंजाम दिया गया है. ललन सिंह और विनोद सिंह में छह बीघा जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था, जिसको लेकर आये दिन दोनों के बीच कहासुनी होती रहती थी. घटना को भूमि विवाद में ही अंजाम दिया गया है. हालांकि अभी तक परिजनों ने किसी पर एफआईआर दर्ज नहीं करायी है.
धान की रोपनी के वक्त भी दोनों के बीच गरजी थीं बंदूकें : धान की रोपनी के वक्त ललन सिंह और विनोद सिंह के बीच फायरिंग की घटना घटित हुई थी. इसे लेकर इटाढ़ी थाने में मामला दर्ज कराया गया था. उस वक्त इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था, जिसके बाद से ही अदावत चली आ रही थी. शनिवार को एसडीओ ऑफिस से काम कर अपने घर जा रहे थे. इसी दौरान विनोद सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी.
काफी नजदीक से मारी गयी है गोली
विनोद सिंह को कुल तीन गोलियां मारी गयी हैं. गोलियां काफी नजदीक से मारी गयी हैं. एक सिर में और दो सीने में गोलियां मारी गयी हैं. घटना के बाद सभी अपराधी बाइक से फरार हो गये. घटना की सूचना मिलते ही इटाढ़ी थानाध्यक्ष शमीम अहमद घटनास्थल पर पहुंचे जहां से शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा.
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ ज्योति चौक इलाका : हत्या की खबर मिलते ही कोइरपुरवा इलाके के लोग आक्रोशित हो उठे. शव को बीच सड़क पर कार में रख आगजनी करनी शुरू कर दी. कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गयी. देखते-ही-देखते विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने लगी, जिसके बाद एएसपी शैशव यादव ने अतिरिक्त पुलिस बल के जवानों को बुलाया, जिसके बाद पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया.
गिरफ्तारी की मांग पर अड़े लोग : विनोद सिंह की हत्या में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित लोग अड़े हुए हैं. पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास देर शाम तक करती रही.आक्रोशित लोगों का कहना था कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी. शव को नहीं उठने दिया जायेगा. इधर पुलिस एफआईआर दर्ज होने का इंतजार कर रही है.
