सरकारी विभागों पर बकाये की वसूली धीमी
बड़े बकायेदारों की सूची में बिजली विभाग और सदर अस्पताल
नोटिस के बावजूद नहीं जमा किया जा रहा टैक्स
बक्सर : टैक्स के रूप में नगर पर्षद बक्सर का करोड़ों रुपये का बकाया है. बड़े बकायेदारों की श्रेणी में सभी सरकारी कार्यालय हैं. सरकारी विभागों पर ही होल्डिंग टैक्स का बकाया इतना है कि वसूली समय से हो जाये तो नगर पर्षद का टैक्स वसूली का वर्तमान लक्ष्य पूरा हो जायेगा. निजी होल्डिंग टैक्स धारक अभी भी नगर पर्षद के टैक्स वसूली का फंडा नहीं समझ पा रहे हैं, जिस कारण टैक्स वसूली की गति धीमी पड़ी है. सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये बाकी हैं जिसे वसूलने के लिए नगर पर्षद गंभीर नहीं है. हालांकि नये बोर्ड ने आर्थिक आमदनी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बनायी हैं. नगर पर्षद के सबसे बड़े बकायेदारों में बिजली विभाग, अस्पताल, सिंचाई विभाग तथा उद्योग विभाग हैं.
वसूली कर्मचारियों की कमी
नगर पर्षद के अंतर्गत करीब 26 हजार होल्डिंग धारक हैं. इनमें से महज नौ हजार 500 होल्डिंग धारकों से ही वसूली होती है. बाकी के होल्डिंग धारक टैक्स अदा करने की सरकारी प्रक्रिया से वंचित हैं. 4% कमीशन की दर से रखे गये चार टैक्स कलेक्टरों की संख्या के लिहाज से काफी कम बताया जा रहा है. हालांकि नगर पर्षद ने अब यह व्यवस्था कर दी है कि होल्डिंग टैक्स धारक ऑनलाइन टैक्स राशि को जमा कर सकते हैं. नगर पर्षद होल्डिंग टैक्स धारकों से टैक्स वसूलने को लेकर प्रत्येक वार्ड में कैंप का आयोजन कर रहा है ताकि लोग आराम से अपना टैक्स भर सकें. इसके साथ ही लोगों को टैक्स भरने को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है. कैंप में लोग अपने निजी मकान, परती जमीन तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों का सेल्फ असेसमेंट करके नगर पर्षद को दिया भी लेकिन उनकी संख्या काफी कम रही. नगर पर्षद के पास अपना डिमांड क्लर्क नहीं होने के कारण डिमांड रजिस्टर अप टू डेट करने में परेशानी हुई. नगर पर्षद ने वित्तीय वर्ष 2017 -18 में एक करोड़ अस्सी लाख रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था, जो पूरा नहीं हो सका. इसके बाद वित्तीय वर्ष 2015 -16 में कुल लक्ष्य दो करोड़ 43 लाख 10 हजार रुपये निर्धारित किया. भरोसा था कि टैक्स वसूली में कमीशन पर रखे गये कर्मचारी लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे लेकिन वह भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सके.
बकायेदारों की सूची
विद्युत विभाग – 13 लाख 95 हजार
सिंचाई विभाग- 12 लाख 50 हजार
अस्पताल – 17 लाख रुपये
पथ निर्माण विभाग – छह लाख रुपये
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास – दो लाख रुपये से अधिक
आईटीआई – एक लाख 50 हजार रुपये
कहते हैं जिम्मेदार
नगर पर्षद टैक्स वसूली को लेकर अभियान चला रहा है. जल्द ही अभियान का असर भी दिखने लगेगा. अभी फिलहाल सभी वार्डों में टैक्स को लेकर कैंपिंग किया जा रहा है. सरकारी कार्यालयों में बकाया ज्यादा होने के कारण उन लोगों को नोटिस किया गया है. बड़े बकायेदारों को होल्डिंग टैक्स की बकाया राशि जमा करने के लिए कई बार पत्र लिखे गये हैं लेकिन उनकी ओर से बकाये को गंभीरता से नहीं लिया जाता है. नप बोर्ड की बैठक में इसके विरुद्ध ठोस निर्णय लेने का प्रस्ताव रखा जायेगा.
राजीव कुमार, कार्यपालक अभियंता, बक्सर
