बाल विवाह और दहेज प्रथा पर कलाकारों ने किया करार प्रहार
राजपुर : राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में चलाये जा रहे बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन कार्यक्रम के बैनरतले सोमवार को प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय मंगरांव और रामलीला मैदान संगरांव में साक्षर भारत कला जत्था के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीण परिवेश में बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ करारा प्रहार किया गया. नुक्कड़ नाटक में ‘बिटिया बहादुर’ नाटक के माध्यम से बताया गया कि किस तरह से कम उम्र की लड़कियों की शादी कर उनका जीवन तबाह किया जा रहा है. कम उम्र में शादी के कारण कई लड़कियां मौत के गाल में समा गयीं.
साथ ही उन बच्चियों को पढ़ने का अधिकार नहीं दिया गया, जिसकी वजह से अभी भी समाज हमारा पीछे है. ऐसी स्थिति में देश का विकास नहीं हो पाता है. वहीं जब लड़कियां पढ़ जाती हैं और जब दहेज लोभी के दरवाजे पर उसके पिता पहुंचते हैं और लड़केवाले दहेज की मांग करते हैं तो दक्ष बेटियां इसका डट कर विरोध करती हैं. इस दृश्य को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गये. नाटक की टीम का नेतृत्व जितेंद्र बहादुर सिंह ने किया और कला में मुख्य तौर पर कलाकार प्रमोद कुमार, उमाशंकर शर्मा, राजेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार पासवान, मनोज प्रसाद, कुमारी संगीता यादव, शिव प्रभा कुमारी, संध्या कुमारी सहित अन्य कलाकार शामिल थे.
