प्रखंड कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में बनेगी 18 सदस्यीय टीम

बक्सर : कृषि के क्षेत्र में आनेवाले दिनों में काफी परिवर्तन होगा. किसानों के लिए एक अच्छी खबर है. किसान हितार्थ के लिए बक्सर में एक करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. इसके लिए डीएम अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना की बैठक […]

बक्सर : कृषि के क्षेत्र में आनेवाले दिनों में काफी परिवर्तन होगा. किसानों के लिए एक अच्छी खबर है. किसान हितार्थ के लिए बक्सर में एक करोड़ 82 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. इसके लिए डीएम अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना की बैठक शनिवार को की गयी.

बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिसके बाद डीएम ने इस पर स्वीकृति की मुहर लगा दी. यह राशि किसान मेला, किसान पाठशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, परिभ्रमण, कृषक हित समूह सहित किसानों के हितों पर व्यय की जायेगी. इसके साथ ही सिंचाई विभाग तथा वन विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारियों को आत्मा भाषी पर्षद के सदस्य के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया. जिले के सभी प्रखंडों में यथाशीघ्र किसान सूचना एवं किसान सलाहकार केंद्र के गठन करने का निर्देश डीएम ने दिया,

जिसमें बीएओ संयोजक का कार्य करेंगे. यह 18 सदस्य की टीम होगी. समिति के माध्यम से प्रखंड स्तर पर कृषि योजनाएं संचालित की जायेंगी. इसमें कृषि से संबंधित योजनाओं की जानकारी किसान को दी जायेगी. प्रत्येक प्रखंड में किसानों के प्रशिक्षण के लिए प्रखंड स्तर पर प्रोजेक्टर तथा लैपटॉप उपलब्ध आवंटन के तहत क्रय समिति से स्वीकृति कर खरीदने का निर्देश दिया है. सभी प्रखंडों में कृषक हित समूह का गठन करना है, जिसमें पुरुष एवं महिलाएं सदस्य के रूप में होंगी.

प्रत्येक प्रखंड में दो-दो खाद्य सुरक्षा समूह का भी गठन किया जाना है, जिसमें सिर्फ महिलाएं रहेंगी. इनके अनुशंसा पर ही लोगों को इसका लाभ मिल पायेगा. कार्यालय कार्य के लिए मोबाइल फोन का क्रय कर लेने का निर्देश दिया है. जिला एवं प्रखंड स्तर पर कार्य योजनाओं के तहत सभी कार्यों, किसान पाठशाला, कृषक साहित्य का विवरण, किसान गोष्ठी को कराना है. बैठक में डीडीसी अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक देवानंद राम, जिला कृषि पदाधिकारी रणवीर कुमार सिंह सहित कई लोग थे.

निगरानी समिति की भी हुई बैठक : उर्वरक निगरानी समिति की बैठक जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में पिछले कार्यों के अनुपालन की समीक्षा की गयी तथा वर्तमान वर्ष में आच्छादित क्षेत्र के आधार पर उर्वरक की आवश्यकता पर चर्चा की गयी. रबी फसल, गेहूं, मक्का एवं जौ के आच्छादन का लक्ष्य 85 हजार हेक्टेयर तथा चना, मसूर, मटर, दलहन का लक्ष्य 34.3 हजार हेक्टेयर रखा गया है. जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को व्यवसाय करने के लिए न्यूनतम कृषि या रसायन में स्नातक की योग्यता या आत्मा द्वारा मैनेज से संचालित एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ अनिवार्य कर दिया गया है.

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