मनमानी. सरकारी जमीन पर पांव पसार रहे हैं भू-माफिया, नहीं हो रही है कार्रवाई
गांव के बच्चों को स्कूल आने-जाने में हो रही परेशानी
दलसागर के पतेलवा टोला का हाल
बक्सर : भू-माफियाओं का सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का खेल शहर से लेकर गांव तक जारी है. हर तरह की सरकारी जमीन पर इनके द्वारा येन-केन-प्रकारेण कब्जा कर लिया जा रहा है. ऐसा नहीं है कि इस पर प्रशासनिक अधिकारियों की नजर नहीं है. इसके बावजूद अस्थायी अतिक्रमण स्थायी का रूप लेता जा रहा है. ऐसी ही स्थिति पतेलवा टोला में है. सदर प्रखंड के पतेलवा दलित टोला दलसागर में जिला प्रशासन ने मनरेगा योजना के तहत सड़क निर्माण कराया. लेकिन, दबंगों की सह पर स्थानीय दलित परिवारों ने रास्ते का अतिक्रमण कर लिया. पतेलवा टोला के रहने वाले ग्रामीणों ने अतिक्रमण से तंग आकर सीओ को दिसंबर, 2016 में आवेदन दिया, जिसमें बताया कि सरकारी रास्ते पर अस्थायी अतिक्रमण किया जा रहा है. इनकी मांग रास्ते को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने की थी.
पंचायत की मुखिया रानी देवी समेत दर्जन भर वार्ड पार्षदों व सैकड़ों लोगों ने इससे संबंधित हस्ताक्षर युक्त आवेदन सीओ को दिया गया. लेकिन, तत्काल रोक लगाने के बजाय सीओ ने जांच व अमीन की रिपोर्ट के चक्कर में आठ महीने से अधिक का समय बिता दिया. इस बीच झोंपड़ी से मिट्टी की दीवार वाले घर बन गये. अब मिट्टी की दीवार तोड़ कर जल्दबाजी में पक्के घर का निर्माण कराया जा रहा है. मामले का अब भी फैसला होना बाकी है.
आठ माह से चल रही कागज पर कार्रवाई : ग्रामीणों के आवेदन पर सीओ ने राजस्व कर्मचारी से जांच करायी, जिसमें एक माह का समय बीत गया. इसके बाद राजस्व कर्मी की रिपोर्ट पर अंचल अमीन से भू-मापी करायी. अंचल अमीन ने भी स्पष्ट किया कि तीन लोगों ने अतिक्रमण किया है. अंचल अमीन ने अपने मापी प्रतिवेदन में स्पष्ट लिखा है कि आम रास्ता पर मोहन राम, रामायण राम व मुन्ना राम ने चौड़ाई-लंबाई में 30 फुट यानी कुल 90 फुट चौड़ा व 90 फुट लंबा रास्ता जबरन कब्जा कर लिया है, जिससे रास्ता बंद हो गया है. इससे आम लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है. यह रिपोर्ट आने में तीन महीने लग गये, तब तक फुस की झोंपड़ी ने मिट्टी की दीवार का रूप ले लिया. इसके बाद सीओ ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी से अतिक्रमण वाद चलाने के लिए पुलिस बल प्रतिनियुक्त करने का आग्रह किया. इसमें दो माह बीत गये, पर कोई सुनवाई नहीं होता देख ग्रामीणों ने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां मामला पहुंचाया.
सड़क बनाने के लिए भरी गयी थी मिट्टी
पतेलवा के ग्रामीण शिवजी राम, सुरेंद्र शर्मा, अवधेश शर्मा, राकेश कुमार पांडेय, उदय कुमार पांडेय, सविता देवी, पूजा पांडेय, बिंदा देवी, आशा देवी, सरोज देवी, किरण देवी, गुड्डू कुमार, अजय कुमार साह, रामचंद्र साह, रामबचन पांडेय, पिंटू साह, राजन पांडेय, अजीत उपाध्याय, शिवम कुमार तिवारी, संजय पांडेय आदि ने सीओ को दिये आवेदन में कहा था कि दलसागर कुल्हड़िया रोड से गौरीशंकर तिवारी के खेत होते हुए ललन पांडेय के घर तक मिट्टी भराई का कार्य सड़क बनाने के लिए किया गया है. उस रास्ते में सोहन राम, रामायण राम व मुन्ना राम द्वारा सड़क की जमीन का अतिक्रमण कर लिया गया है. ये लोग वहां झोंपड़ी बना कर रह रहे हैं, जबकि सरकार से इन्हें इंदिरा आवास भी मिला हुआ है. ग्रामीणों ने सीओ से अतिक्रमण हटवाने की मांग की थी, लेकिन इस बीच समय बीतता रहा और झोंपड़ी से मिट्टी फिर ईंट के पक्के मकान बनने शुरू हो गये हैं.
