Nalanda News : बिहारशरीफ के सोहसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहडीह मोहल्ले (हनुमान स्थान के पास) बीती रात पुलिस को देखकर भाग रहे एक (45) वर्षीय व्यक्ति की कुएं में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान स्थानीय निवासी राम स्वरूप राम के पुत्र अमर कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया. बवाल की सूचना मिलते ही बिहार थाना और लहेरी थाना की पुलिस भी स्थिति को संभालने सदर अस्पताल पहुंच गई. घटना रात करीब 9:00 से 9:10 बजे के बीच की बताई जा रही है.
पुलिस की दबिश और कुएं में गिरने की घटना
चश्मदीद विक्की कुमार ने बताया कि अमर कुमार अपने घर के पास बैठे थे. पीछे की तरफ कुछ लोग जुआ खेल रहे थे. इसी बीच पुलिस वहां पहुंच गई. पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. इसी भगदड़ में अमर कुमार भी तेजी में गली के अंदर की तरफ भागे और असंतुलित होकर कुएं में जा गिरे. विक्की के अनुसार, जब स्थानीय लोग उन्हें कुएं से निकाल रहे थे तब उनकी आवाज आ रही थी, लेकिन अस्पताल लाते-लाते उनकी मौत हो गई.
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल
स्थानीय निवासी यशराज मिश्रा ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि वहां जुआ नहीं खेला जा रहा था, बल्कि कुछ लोग बैठकर आपस में बातचीत कर रहे थे. पुलिस के आने पर लोग डर से भागने लगे. आरोप है कि भागने के दौरान लोगों की जेब से जो पैसे गिरे, पुलिस ने उन पैसों को उठाया और चलती बनी. यशराज ने आरोप लगाया कि कुएं में गिरे व्यक्ति को बचाने के बजाय प्रशासन वहां से चला गया. बाद में पुलिस दोबारा वहां पहुंची. आम जनता ने खुद मशक्कत कर अमर को कुएं से बाहर निकाला. परिजनों और चश्मदीदों का साफ कहना है कि प्रशासन का काम लोगों की सुरक्षा करना है, लेकिन इस घटना में पुलिस ने अमानवीयता दिखाई और पीड़ित को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया.
थानाध्यक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, जांच जारी
वहीं, इस मामले में सोहसराय थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि कुएं में गिरे व्यक्ति को रेस्क्यू कर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है. पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं. आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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