Special Vigilance Unit Raid : आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष निगरानी इकाई ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. बिहारशरीफ के सोहसराय थाना क्षेत्र के बॉलिपर में शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के पैतृक आवास और कार्यालय पर विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई. कार्यपालक अभियंता की पहचान संजय कुमार के रूप में हुई है, जो वर्तमान में खगड़िया में तैनात हैं. एसयूवी की टीम ने संजय कुमार के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इस में पटना, नालंदा और खगड़िया शामिल है. संजय कुमार के तीन ठिकानों पर करीब छह घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार एसयूवी को शिकायत और गुप्त सूचना मिली थी कि संजय कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है. जिसके बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम पिछले काफी समय से इन साहब की गोपनीय जांच कर रही थी. जांच में सभी आरोप सत्य पाए जाने के बाद निगरानी थाने में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया. कांड संख्या 68/26 के तहत दर्ज इस मामले में कार्यपालक अभियंता पर एक करोड़ एक लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है. इसी के बाद विशेष न्यायालय निगरानी पटना से सर्च वारंट हासिल कर छापेमारी का यह महा-ऑपरेशन शुरू किया गया.
एसयूवी का बयान
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की जांच में संजय कुमार और उनकी पत्नी के नाम पर करीब 13 प्लॉट होने की जानकारी सामने आई है. इसके अलावा तलाशी के दौरान नकदी, जमीन-जायदाद से जुड़े कागजात, बैंक से संबंधित दस्तावेज और आभूषण मिलने की बात सामने आई है. खगड़िया स्थित सरकारी आवास से 81 हजार रुपये नकद बरामद होने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी है.
पटना से बिहारशरीफ तक एक साथ पहुंची टीम
शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे चार सदस्यीय विजिलेंस टीम सोहसराय के बॉलिपर स्थित संजय कुमार के पैतृक आवास पर पहुंची. टीम के साथ स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद था. घर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया और तलाशी की कार्रवाई शुरू की.
बाद में विजिलेंस के डीएसपी विकास श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच में शामिल हुए. टीम अपने साथ दस्तावेजों की प्रतियां तैयार करने के लिए छायाप्रति मशीन भी लेकर आई थी. तलाशी के दौरान घर में रखे जमीन के कागजात, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियां और अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला गया.
घर की घेराबंदी कर के की गई कार्रवाई
छापेमारी के दौरान घर की घेराबंदी कर दी गई थी. जांच पूरी होने तक बाहरी लोगों के आने-जाने पर रोक रही. घर के सदस्यों और वहां मौजूद कर्मचारियों से भी अधिकारियों ने पूछताछ की और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली.
सोने-चांदी के आभूषणों का मौके पर कराया गया मूल्यांकन
तलाशी के दौरान मिले सोने और चांदी के आभूषणों की कीमत का आकलन कराने के लिए विजिलेंस टीम ने स्थानीय आभूषण विशेषज्ञ को मौके पर बुलाया. शहर के श्री ज्वेलर्स के प्रतिनिधि अरुण कुमार ने बताया कि तलाशी के दौरान करीब 300 से 350 ग्राम सोना और लगभग 250 ग्राम चांदी मिली है.
अरुण कुमार के अनुसार, मौजूदा बाजार दर के आधार पर बरामद सोने की कीमत करीब 18 से 18.5 लाख रुपये के बीच आंकी गई है. वहीं चांदी की अनुमानित कीमत करीब 68 हजार रुपये बताई गई है. हालांकि, बरामद आभूषणों और अन्य संपत्तियों की अंतिम स्थिति विजिलेंस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
टीम ने बारीकी से खंगाला दस्तावेज
विजिलेंस टीम ने जमीन और अन्य संपत्तियों से संबंधित कागजात को भी बारीकी से खंगाला. अधिकारियों की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि कार्यपालक अभियंता और उनके परिवार के पास मौजूद संपत्तियां उनकी घोषित आय के अनुरूप हैं या नहीं.
तीन ठिकानों पर एक साथ हुई कार्रवाई
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच को लेकर विजिलेंस ने केवल नालंदा स्थित पैतृक आवास पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि पटना और खगड़िया स्थित ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया. संजय कुमार वर्तमान में खगड़िया में पदस्थापित हैं, जहां उनके सरकारी आवास की भी तलाशी ली गई.
विजिलेंस के अनुसार, खगड़िया स्थित सरकारी आवास से 81 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं. तीनों स्थानों पर हुई तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्तियों का अब आपस में मिलान किया जा रहा है. टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अधिकारी और उनकी पत्नी के नाम दर्ज संपत्तियों की कुल कीमत कितनी है और उनकी आय के मुकाबले यह संपत्ति कितनी अधिक है.
छोटे भाई ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के छोटे भाई इन्द्रदेव कुमार ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि उनके बड़े भाई ड्यूटी के सिलसिले में खगड़िया में मौजूद हैं और छापेमारी के दौरान पैतृक आवास पर नहीं थे.
परिजनों के अनुसार, विजिलेंस की टीम ने घर में काम करने पहुंची एक महिला को भी अंदर आने की अनुमति नहीं दी और उसे बाहर से ही वापस कर दिया. अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों के अलावा घर से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की.
