नालंदा: उदेरास्थान बराज पर जलस्तर स्थिर, महज 4,779 क्यूसेक डिस्चार्ज; फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं, 29 गेट बंद और प्रशासन अलर्ट

नालंदा के उदेरास्थान बराज पर जलस्तर पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, अफवाहों पर ध्यान न दें।

Nalanda News: जिले में नदियों के बढ़ते बहाव और संभावित बाढ़ को लेकर चल रही तमाम आशंकाओं के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. जिले की जल प्रणाली के प्रमुख नियामक उदेरास्थान बराज पर जलस्तर पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में बना हुआ है. 04 सितंबर 2026 की शाम 6:00 बजे प्राप्त आधिकारिक गेज आंकड़ों के अनुसार, बराज पर पानी का प्रवाह सामान्य सीमा के भीतर है और किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है.

30 में से 29 फाटक बंद, एक गेट से हो रही पानी की नियंत्रित निकासी

जल संसाधन विभाग से प्राप्त तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, उदेरास्थान बराज में कुल 30 रेगुलेटिंग गेट (फाटक) स्थापित हैं:

  • बंद गेट: सुरक्षा मानकों के तहत 29 फाटकों को पूरी तरह बंद रखा गया है.
  • सक्रिय गेट: केवल 1 गेट से सामान्य और नियंत्रित रूप से पानी की निकासी की जा रही है.
  • वहन क्षमता बनाम वर्तमान बहाव: बराज की अधिकतम जल वहन क्षमता 1,59,000 क्यूसेक है, जबकि वर्तमान में कुल डिस्चार्ज मात्र 4,779 क्यूसेक मापा गया है. यह क्षमता का एक बेहद छोटा हिस्सा है, जिससे बराज पर किसी भी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं है.

विभिन्न जल वाहिकाओं में डिस्चार्ज का विवरण

बराज से छोड़े जा रहे 4,779 क्यूसेक पानी का बिंदुवार वितरण इस प्रकार है:

  • डाउनस्ट्रीम (मुख्य बहाव): 3,853 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है.
  • आरएलसी (राइट लाइन कैनाल): 484 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
  • एलएलसी (लेफ्ट लाइन कैनाल): 442 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है.

संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे पहरा, अलर्ट मोड में प्रशासन

यद्यपि डिस्चार्ज की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है, फिर भी एहतियात के तौर पर नालंदा जिला प्रशासन ने निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर रखा है. नदियों के संवेदनशील तटबंधों, पुल-पुलियों और जल निकासी द्वारों पर जल संसाधन विभाग के कनीय एवं सहायक अभियंताओं की राउंड-द-क्लॉक गश्त बढ़ा दी गई है. आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत व बचाव दलों (SDRF) को भी अलर्ट पर रखा गया है.

सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहने की प्रशासनिक अपील

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फैल रही भ्रामक बाढ़ की खबरों व पुराने वीडियो से सावधान रहें. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक जिला जनसंपर्क कार्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी गेज बुलेटिन पर ही विश्वास करें और बिना पुष्टि के कोई भी संदेश साझा न करें.

Also Read: नालंदा: लगातार बारिश से हरनौत में धोवा और पंचाने नदी का बढ़ा जलस्तर; तटवर्ती गांवों में घुसा पानी का डर, ग्रामीणों ने प्रशासन से की निगरानी की मांग

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कंचन कुमार

कंचन कुमार वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उत्तराखंड से शुरुआत करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पटना, नवादा और बिहारशरीफ में विभिन्न मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर बिहारशरीफ कार्यालय में नालंदा जिला रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. जिला प्रशासन, खोजी एवं विशेष रिपोर्ट, जमीनी पड़ताल, विकास, जनसरोकार के मुद्दों तथा लोकसभा और विधानसभा चुनावों के गहन विश्लेषण के लिए उनकी विशेष पहचान है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >