केंचुआ खाद उत्पादन और प्रयोग पर प्रशिक्षण संपन्न

कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), हरनौत में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ.

बिहारशरीफ. कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), हरनौत में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ. प्रशिक्षण का विषय था केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) का उत्पादन और प्रयोग. समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए. कार्यक्रम के अंतिम दिन नालंदा एलडीएम श्रीकांत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. वहीं केंद्र की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. सीमा कुमारी ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से किसानों को टिकाऊ और जैविक खेती की दिशा में नई राह मिल रही है. प्रशिक्षण के कोऑर्डिनेटर एवं मृदा विभाग के वैज्ञानिक डॉ. यू.एन. उमेश ने बताया कि कुल 28 प्रशिक्षुओं को केंचुआ खाद बनाने की विधि, उसका उपयोग और विपणन (मार्केटिंग) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के तरीके, वर्मीवॉश बनाने की प्रक्रिया और उसके लाभ,जैविक उत्पादों की बाजार संभावनाएं प्रशिक्षण के दौरान यह बताया गया कि वर्मी कम्पोस्ट और वर्मीवॉश का उपयोग कर किसान न केवल रासायनिक खाद पर खर्च कम कर सकते हैं, बल्कि बेहतर पैदावार और अच्छी गुणवत्ता वाली फसल भी प्राप्त कर सकते हैं. समापन अवसर पर डॉ. विद्या शंकर सिन्हा (पशु एवं चिकित्सा विज्ञान), डॉ. उदय प्रकाश नारायण (प्लांट पैथोलॉजी) समेत अन्य वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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