एक साथ उठीं तीन अर्थियां, पसरा मातम

हरनौत प्रखंड के सरथा पंचायत के ताड़ापर गांव में शनिवार को मातम का माहौल उस समय और गहरा गया जब वंदे भारत ट्रेन हादसे में मारे गए तीन लोगों के शव गांव पहुंचे.

बिहारशरीफ. हरनौत प्रखंड के सरथा पंचायत के ताड़ापर गांव में शनिवार को मातम का माहौल उस समय और गहरा गया जब वंदे भारत ट्रेन हादसे में मारे गए तीन लोगों के शव गांव पहुंचे. एक साथ तीन अर्थियां उठने से पूरा गांव गम में डूब गया और परिजनों की चीख-पुकार से वातावरण शोकाकुल हो गया. शुक्रवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में ताड़ापर गांव के 23 वर्षीय जीतू मांझी, 20 वर्षीय गोविंदा मांझी और 65 वर्षीय रीतलाल मांझी की मौत हो गई थी. वहीं, 60 वर्षीय जगलाल मांझी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है. परिजनों ने बताया कि जगलाल मांझी अपनी बेटी के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए परिजनों संग बाढ़ अनुमंडल के इंग्लिश बीघा गांव जा रहे थे. इसी दौरान चारों लोग रेल पटरी के किनारे पैदल चल रहे थे. तभी अचानक वंदे भारत एक्सप्रेस वहां से गुजरी और सभी उसकी चपेट में आ गए. टक्कर इतनी तेज थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जगलाल मांझी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव जैसे ही गांव लाए गए, हर तरफ मातमी सन्नाटा छा गया. तीन अर्थियां एक साथ उठते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. मृतकों के परिजन बार-बार बेसुध होकर गिर पड़ रहे थे. ग्रामीणों ने कहा कि बेटी के तिलक की खुशी में निकले लोग इस तरह मौत का शिकार हो जाएंगे, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था. पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रविशंकर प्रसाद सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत तत्काल तीन-तीन हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है. उन्होंने कहा कि आगे सरकारी स्तर से उचित मुआवजा दिलाने की पहल की जाएगी.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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