मांगों को लेकर स्कूली रसोइया ने किया प्रदर्शन

राज्यव्यापी आंदोलन के तहत जिले के रसोइयों ने बृहस्पतिवार को समाहरणालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया.

शेखपुरा. राज्यव्यापी आंदोलन के तहत जिले के रसोइयों ने बृहस्पतिवार को समाहरणालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. बाद में अपने मांगों के समर्थन में जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सुपूर्द किया. रसोईया संघ द्वारा यह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरा के क्रम में उन तक अपनी मांगों को पहुंचाने के प्रयास के तहत यह आंदोलन किया गया॰ आंदोलन ने अभी प्रतिमाह मिलने वाले 1,650 रुपए के मानदेय को बढ़ाकर कम से कम 10,000 रूपए प्रतिमाह करने की मांग की. रसोइया अपने आप को सरकारी कर्मी घोषित करने की भी मांग कर रही है. रसोइयों के इस प्रदर्शन में जिला संयोजक कमलेश प्रसाद, सुधीर कुमार, नीलम कुमारी, सीमा देवी सहित जिले के दूर दराज के विद्यालयों में काम करने वाली रसौईया शामिल हुई. तपती दुपहरी के बीच रसोइयों ने न्यूनतम मजदूरी की गारंटी के तहत उनके मानदेय में पिछले 5 वर्षों में किसी प्रकार के वृद्धि नहीं किए जाने को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया. रसोइयों को साल के 10 महीना का ही मानदेय भुगतान किया जाता है. रसोईया शिक्षा विभाग के अभिन्न अंग बन जाने को लेकर कम से कम चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का दर्जा, पोशाक के रूप में साल में कम से कम दो जोड़ी सूती साड़ी-ब्लाउज और पेटिकोट की मांग, सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन, सेवा निवृत्ति लाभ, बीमा दुर्घटना, स्वास्थ्य बीमा आदि का लाभ, रसोइयों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, बात से बात पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा रसोइयों के काम से निकाल देने की धमकी रोकने, मातृत्व अवकाश और अन्य विशेष अवकाश का लाभ देने इसके अलावा रसोइयों को भोजन बनाने के अलावा अन्य काम जैसे विधालय में झाड़ू लगवाने, शौचालय में पानी डलवाना इत्यादि रोकने तथा विद्यार्थियों के नामांकन के हिसाब से रसोइयों की संख्या में वृद्धि आदि की मांग शामिल है.

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Published by: Santosh kumar singh

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