विजेताओं और उप विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ मकर मेला संपन्न

सात दिवसीय राजकीय मकर मेला मंगलवार को दुधारू पशुओं की भव्य प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया़

राजगीर. सात दिवसीय राजकीय मकर मेला मंगलवार को दुधारू पशुओं की भव्य प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया़ मेले के अंतिम दिन आयोजित पशु प्रदर्शनी में क्षेत्र के पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया़ देशी गाय, भैंस तथा संकर नस्ल के उत्कृष्ट दुधारू पशुओं का प्रदर्शन किया़ इस अवसर पर विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं उपविजेता पशुपालकों को सम्मानित किया गया़ पुरस्कार वितरण एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता, डीसीएलआर राजीव रंजन, बीडीओ एजाज आलम तथा नगर परिषद की उपाध्यक्ष मुन्नी देवी के कर-कमलों से किया गया़ इस अवसर पर एसडीओ ने कहा कि राजगीर का इतिहास गौरवशाली रहा है़ यहां मेला का आयोजन सभी के सहयोग से हुआ है। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम जितना सुंदर हुआ है, उससे प्रतीत होता है कि विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन कितना उम्दा हुआ होगा़ राज्य में देश – दुनिया के लोग आते हैं. इस धरती को नमन करते हैं. राजगीर के गौरव को आगे बढ़ाने में मेला और महोत्सव की प्रमुख भूमिका होती है. उन्होंने मेला में परोक्ष और अपरोक्ष रूप से सहयोग करने वालों कलाकारों, पत्रकारों और प्रतिभागियों को धन्यवाद करते हुए मेला के समापन की घोषणा की. पशु प्रदर्शनी का मूल्यांकन पशु चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला गव्य विकास अधिकारी के अलग-अलग दलों द्वारा किया गया। जज पैनल में जिला गव्य विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार, पशु शल्य चिकित्सक, बिहारशरीफ डॉ सपना कुमारी, अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी हिलसा डॉ संजीव कुमार, डॉ नागमणि एवं डॉ शशि शंकर शामिल थे. जजों ने पशुओं की नस्ल, दुग्ध उत्पादन क्षमता, रख-रखाव की स्थिति, स्वास्थ्य तथा संबंधित पशुपालक की जानकारी का गहन अध्ययन कर अंक प्रदान किये. पारदर्शी एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रक्रिया के कारण पशुपालकों में संतोष और विश्वास का भाव देखा गया. इस अवसर पर पशुपालन पदाधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी. उन्होंने सेक्स शॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस तकनीक से गाय एवं भैंसों में लगभग 90 प्रतिशत तक मादा बछिया होने की संभावना रहती है. उन्होंने यह भी बताया कि यह सुविधा सरकारी पशु चिकित्सालयों में मात्र 150 रुपये में उपलब्ध है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक रूप से लाभ मिल सकता है. प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 8 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 6 हजार रुपये तथा सांत्वना पुरस्कार के रूप में 2 हजार रुपये प्रदान किये गये. अपने उत्कृष्ट पशुपालन कार्य के लिए सम्मान पाकर पशुपालकों के चेहरे पर विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली. विभाग की ओर से यह संदेश दिया गया कि उन्नत पशुपालन तकनीक, बेहतर नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर पशुपालक अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। इस अवसर पर डीसीएलआर राजीव रंजन, बीडीओ एजाज आलम, उपमुख्य पार्षद मुन्नी देवी, सुवेन्द्र राजवंशी, श्याम देव राजवंशी, गोलू यादव, डॉ भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ राजीव रंजन, डॉ अनिल कुमार, दिप्ति कौशिक, श्रवण कुमार, बिरजू राजवंशी एवं अन्य उपस्थित रहे.

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Published by: Amlesh prasad

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