शहर में खटालों का गोबर बना सड़कों पर मुसीबत

शहर के विभिन्न मोहल्लों में संचालित खटालों (अस्थायी गौशालाओं) से निकलने वाला गोबर सड़कों और नालों में फेंका जा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बिहारशरीफ. शहर के विभिन्न मोहल्लों में संचालित खटालों (अस्थायी गौशालाओं) से निकलने वाला गोबर सड़कों और नालों में फेंका जा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई इलाकों में खाली प्लॉट्स में गोबर डंप कर दिया जाता है, जिसकी दुर्गंध से आसपास के निवासियों का जीना दूभर हो गया है. रामचंद्रपुर बस स्टैंड के पीछे, नालंदा कॉलनी, सोहसराय, मंगलास्थान, गढ़पर आदि क्षेत्रों में अक्सर जहां-तहां गोबर का ढेर देखने को मिलते हैं. सड़कों और नालों में गोबर बहाने से वाहन चालकों को मुश्किलें आ रही हैं. कई मामलों में बाइक और स्कूटी चालक फिसलकर गिर जाते हैं. गोबर के कारण नालों के जाम होने से जलभराव की समस्या भी बढ़ रही है. शहरवासियों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है. विजय कुमार ने कहा, “खटाल संचालक बेखौफ होकर गोबर सड़कों पर फेंक रहे हैं. प्रशासन को इन्हें चिन्हित कर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए. टिंकू कुमार ने बताया कि गोबर की दुर्गंध से हमारे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है. विकास कुमार (गांधी जी) ने कहा कि अगर खटाल चलाने वालों को नियमित सफाई का प्रबंध करना होगा, तो यह समस्या नहीं होगी. स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि खटाल संचालकों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की जाए. गोबर निस्तारण के लिए नियम बनाए जाएं. सड़कों और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए.

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Published by: Santosh kumar singh

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