Sheikhpura News : शेखपुरा जिला न्यायाधीश प्रथम नीरज किशोर ने छह साल पुराने मारपीट के एक मामले में 10 लोगों को दोषी पाया. न्यायालय द्वारा इसमें से पांच लोगों को गंभीर जख्म करने के आरोप में तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया है, जबकि अन्य दोषी पाए गए लोगों को साथ में मारपीट करने के आरोप में दो-दो साल की सजा सुनाई गई है.
यह सभी जिले के शेखोपुरसराय थाना अंतर्गत पहाड़िया गांव के रहने वाले मो. मंसूर, कुणाल उर्फ तकिइमाम, शमशान, भोलू उर्फ इम्तियाज, मून्नू, कल्लू, अमानुल्लाह, सनाउल्लाह, सरफराज आदि हैं. इन सभी ने अपने ही गांव के आरफा दर कशा सहित चार लोगों को जमीनी विवाद में लाठी-डंडा और रड से मारकर बुरी तरह जख्मी कर दिया था.
विभिन्न धाराओं के तहत मिली सजा
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई की समाप्ति के बाद न्यायालय ने सभी 10 लोगों को भारतीय दंड विधान की धारा 147, 148, 323, 341, 448, 504, 506, 337 और 324 के तहत दोषी पाया.
न्यायालय द्वारा सभी आरोपियों के लिए अलग-अलग 1 साल से लेकर 3 साल तक की सजा सुनाई गई, हालांकि माननीय न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है.
इस मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद आरोप पत्र समर्पित किए जाने पर न्यायालय में चलाए गए विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा बेहद प्रभावी तरीके से गवाहों की प्रस्तुति की गई.
उच्च न्यायालय में चुनौती की सुविधा
सभी आरोपियों को सजा सुनाए जाने के बाद न्यायालय द्वारा उन्हें इस कानूनी आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने के लिए एक महीने के लिए औपबंधिक जमानत की सुविधा भी प्रदान की गई है.
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