Patna Teachers Constituency : जन सुराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की संभावित उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति ने शनिवार को दीपनगर स्थित सभागार में प्रेस वार्ता की. इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ महिलाओं की भागीदारी को लेकर अपना एजेंडा सामने रखा.
शिक्षकों के सम्मान को बताया प्राथमिकता
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान सुनिश्चित करना और महिलाओं को उचित राजनीतिक भागीदारी दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है. उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान और प्रभावी प्रतिनिधित्व की उम्मीद कर रहा है, लेकिन उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाया है.
30 वर्षों के प्रतिनिधित्व पर उठाये सवाल
उन्होंने वर्तमान विधान परिषद में शिक्षकों के प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि करीब 30 वर्षों के कार्यकाल में शिक्षकों के हित में ऐसा कोई ठोस कार्य नहीं हुआ, जिससे उनके जीवन और कार्य परिस्थितियों में व्यापक बदलाव आया हो. उन्होंने कहा कि आगामी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव केवल राजनीतिक चुनाव नहीं, बल्कि शिक्षकों के मान-सम्मान, अधिकार और हक की लड़ाई है.
वेतन और सेवा शर्तों का मुद्दा उठाया
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ वित्तरहित विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की भी अलग-अलग समस्याएं हैं. वेतन, सेवा शर्त, सम्मान, पदोन्नति, सुविधाएं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों को मजबूती से उठाने की जरूरत है.
शिक्षकों से लगातार संवाद का वादा
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों का समर्थन मिला तो वह विधान परिषद में उनकी आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास करेंगी. शिक्षकों के बीच लगातार संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें सरकार तथा विधान परिषद तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी.
शिक्षकों से सही प्रतिनिधि चुनने की अपील
डॉ. दिव्या ज्योति ने शिक्षकों से अपील की कि वे ऐसे प्रतिनिधि का चुनाव करें, जो उनके बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके सम्मान के लिए मजबूती से आवाज उठाये. उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय के मुद्दों को केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि लगातार उठाने की जरूरत है.
विचार-विमर्श के बाद जन सुराज में शामिल होने का दावा
प्रेस वार्ता में डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि जन सुराज में शामिल होने का निर्णय शिक्षकों और समर्थकों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाना और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है.
