सूर्यकुंड और हसनपुर सूर्य तालाब सजधज कर तैयार

लोक आस्था के महापर्व छठपूजा की तैयारियां आध्यात्मिक नगरी राजगीर में पूरी कर ली गई हैं.

राजगीर. लोक आस्था के महापर्व छठपूजा की तैयारियां आध्यात्मिक नगरी राजगीर में पूरी कर ली गई हैं. छठपर्व के दूसरे दिन लोहंडा का अनुष्ठान पूरा किया गया. पर्व को लेकर प्रशासन और नगर परिषद के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने मिलकर व्यापक व्यवस्था की है. राजगीर के सभी छठ घाटों को सजाकर और संवारकर छठव्रतियों एवं सूर्य उपासकों के स्वागत के लिए तैयार किया गया है. ऐतिहासिक सूर्यकुंड, हसनपुर सूर्य तालाब, वैतरणी, गोरौर सूर्य तालाब, झालर सूर्य तालाब, दशरथ किला सूर्य तालाब, ठेरा, मोरा, कटारी सहित आसपास के सभी प्रमुख घाटों पर विशेष साफ-सफाई की गई है. घाटों को रंग-बिरंगी झालरों, तोरण द्वारों और रोशनी की सजावट से सुसज्जित किया गया है. सूर्यकुंड पर एबीवीपी, एनएसयूआई, वेणुवन ग्रुप एवं अन्य स्वयं सेवी संगठनों द्वारा छठव्रतियों की सेवा और सहयोग के लिए तैयारियां की गयी है. हसनपुर सूर्य तालाब में हर साल की तरह इस बार भी अर्घ्य के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. यहां पूर्व प्रखण्ड प्रमुख सुधीर कुमार पटेल के नेतृत्व में स्वयंसेवकों की टीम तैयार है. यह टीम छठव्रतियों के सहयोग और छठ घाटों को सजाने- संवारने में भी तत्पर है. सभी छठ घाटों पर श्रद्धालु डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए दूर-दराज के गांवों और शहरों से पहुंचते हैं. महिलाएं पारंपरिक वस्त्रों में पूजा सामग्री के साथ घाटों की ओर छठ गीत गाती जाती नजर आ रही हैं, वहीं पुरुष घाटों की व्यवस्था और सुरक्षा में सहयोग कर रहे हैं. प्रशासन ने छठव्रतियों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किया है. सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रुम, चिकित्सा की व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस की तैनाती की गई है. सुरक्षा को लेकर पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवक लगातार निगरानी रखे हुए हैं. भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई है, ताकि अर्घ्य के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. नगर परिषद द्वारा सफाई अभियान चलाकर घाटों और उनके आस-पास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाया गया है. जगह-जगह पीने के पानी के स्टॉल लगाए गए हैं. धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल में पूरा राजगीर छठमय हो उठा है. भक्तों में उत्साह और श्रद्धा की लहर है. राजगीर के सूर्यकुंड, गोरौर और हसनपुर सूर्य तालाब श्रद्धा, भक्ति और लोक परंपरा के केंद्र बन चुके हैं.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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