Subrat Shandilya Aerospace : नालंदा जिले के कुल्ती जियर गांव के रहने वाले सुब्रत शांडिल्य एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान रचने के कगार पर खड़े हैं. एयरोस्पेस इंजीनियर सुब्रत शांडिल्य ने बेहद कम लागत वाले स्वदेशी जेट इंजन और थ्री-डी कार्गो ड्रोन तैयार करने की एक शानदार पहल की है.
उनके स्टार्टअप 'शांडिल्य एयरोस्पेस' के प्रपोजल का चयन होने पर बिहार में देश का पहला जेट इंजन निर्माण कारखाना लगाने की दिशा में काम शुरू होने की उम्मीद है.
दो किलो न्यूटन श्रेणी के कॉम्पैक्ट जेट इंजन पर काम
सुब्रत शांडिल्य करीब दो किलो न्यूटन श्रेणी के कॉम्पैक्ट जेट इंजन पर काम कर रहे हैं. उनका लक्ष्य ऐसा जेट इंजन तैयार करना है, जिसे कम लागत में बनाया जा सके और अलग-अलग मिशन की जरूरत के मुताबिक डिजाइन किया जा सके.
'शांडिल्य एयरोस्पेस' का पटना में एक महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन हुआ है. अगर यह विजन जमीन पर उतरता है, तो जल्द ही बिहार में देश का पहला 'कॉम्पैक्ट जेट इंजन' निर्माण कारखाना स्थापित करने की दिशा में काम शुरू हो सकता है. यह बिहार के साथ-साथ पूरे देश के 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए भी बड़ी कामयाबी होगी.
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शैक्षणिक सफर
सुब्रत के पिता संजीव मुकेश और मां मीनाक्षी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में कार्यरत हैं. सुब्रत दो भाइयों में सबसे बड़े हैं, उनके छोटे भाई सार्थक शांडिल्य फिलहाल दिल्ली में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर रहे हैं.
सुब्रत ने अपनी शुरुआती और माध्यमिक शिक्षा पटना तथा दिल्ली से सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से पूरी की. पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाले सुब्रत साल 2018 में 10वीं कक्षा में अपने स्कूल के टॉपर रहे थे. साल 2022 में उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की.
इसके बाद अपने सपनों को उड़ान देने के लिए साल 2023 में उन्होंने देहरादून का प्रतिष्ठित एंट्रेंस एग्जाम क्रैक किया और देहरादून की ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया.
कम लागत और आसान निर्माण का उद्देश्य
सुब्रत शांडिल्य के डिजाइन का मुख्य उद्देश्य जेट प्रोपल्शन को कम लागत वाला और निर्माण में आसान बनाना है. इसके साथ ही इसे अलग-अलग मिशन की जरूरत के हिसाब से अनुकूल बनाया जा सके. उनका मानना है कि हर एयरोस्पेस मिशन के लिए लंबे समय तक चलने वाले और बेहद महंगे इंजनों की जरूरत नहीं होती है.
उनका मानना है कि पारंपरिक छोटे जेट इंजनों के निर्माण में महंगी और हाई क्वालिटी की सामग्री के साथ जटिल निर्माण प्रक्रिया, सटीक मशीनिंग और लंबे समय तक मजबूती बनाए रखने की जरूरत होती है.
इन वजहों से इंजन का कॉस्ट काफी बढ़ जाता है. सुब्रत अपने नए 'डिजाइन दर्शन' के जरिए इसी चुनौती का समाधान तलाश रहे हैं, ताकि जरूरत और मिशन के हिसाब से कम लागत में इंजन तैयार किया जा सके.
मेटल थ्री-डी प्रिंटिंग तकनीक और यूएवी डिजाइन
सुब्रत की कंपनी 'शांडिल्य एयरोस्पेस' आधुनिक 'मेटल एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग' यानी मेटल थ्री-डी प्रिंटिंग तकनीक को अपनी तकनीकी रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है.
इस तकनीक की मदद से जेट इंजन के जटिल आकार वाले कलपुर्जों को कम निर्माण चरणों में तैयार करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं.
सुब्रत ने छात्र जीवन में ही यूएवी और विमान डिजाइन पर काम शुरू कर दिया था. उन्होंने इंटरनेशनल कस्टमर और उपयोगकर्ताओं के लिए यूएवी डिजाइन भी तैयार किए हैं.
