Rajgir Sub Divisional Hospital Tests : अनुमंडलीय अस्पताल, राजगीर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. अब अस्पताल में रक्त, पेशाब व पैखाना की सामान्य जांच के साथ-साथ थायरॉइड, लीवर, किडनी, लिपिड प्रोफाइल और अन्य महत्वपूर्ण जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इससे राजगीर अनुमंडल क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए बिहारशरीफ, पावापुरी, पटना और गया जी जैसे अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
हब एंड स्पोक मॉडल से होगी जांच, 3 से 4 दिन में मिलेगी रिपोर्ट
अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. गौरव ने बताया कि सदर अस्पताल, बिहारशरीफ में पैथोलॉजी जांच व्यवस्था को पीपीई मोड (हब एंड स्पोक मॉडल) पर विकसित किया गया है. राजगीर के अनुमंडलीय अस्पताल में जिन जांचों की सुविधा उपलब्ध है, उनकी रिपोर्ट स्थानीय स्तर पर ही तैयार की जाएगी.
वहीं ऐसी जांचें जिनके लिए आवश्यक उपकरण और व्यवस्था राजगीर में उपलब्ध नहीं हैं, उनके सैंपल सुरक्षित तरीके से लेकर बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजे जाएंगे और मरीजों को सामान्यतः तीन से चार दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी.
पटना और गया जी जाने की मजबूरी हुई खत्म
प्रभारी उपाधीक्षक ने बताया कि पहले अनुमंडलीय अस्पताल में मुख्य रूप से सामान्य रक्त, पेशाब और पैखाना से संबंधित जांच ही होती थी, लेकिन अब जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है.
खास बात यह है कि थायरॉइड प्रोफाइल सहित ऐसी कई जांचें भी अब संभव होंगी, जिनके लिए मरीजों को पहले पटना, गया जी या अन्य शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था. थायराइड की जांच तो सदर अस्पताल और पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भी पहले नहीं होती थी.
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सीबीसी, केएफटी, एलएफटी समेत होंगी कई आधुनिक जांचें
उन्होंने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल में सीबीसी, आयरन, एस. यूरिया, एस. क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, एमाइलेज, जीजीटी, एसजीपीटी, एसजीओटी, बिलीरुबिन, एल्कलाइन फॉस्फेटेज, टोटल प्रोटीन, एल्ब्युमिन, एलएफके, केएफटी, ग्लूकोज, एचबीए1सी, सीआरपी, पीटी-आईएनआर और इलेक्ट्रोलाइट समेत कई जांच उपलब्ध होंगी.
संपूर्ण थायरॉइड और लिपिड प्रोफाइल की भी मिलेगी सुविधा
इसके अलावा टीएसएच, टी3, टी4, एफटी3, एफटी4 के माध्यम से पूर्ण थायरॉइड प्रोफाइल, विटामिन बी12, सीके-एनएसी, सीके-एमबी, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, एलडीएल, एचडीएल, वीएलडीएल और लिपिड प्रोफाइल की भी जांच की जा सकेगी.
इस नई व्यवस्था से मरीजों के समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा अनुमंडलीय अस्पताल में उपचार की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनेगी.
