Nalanda News: हिलसा (नालंदा). बिहार सरकार के प्रस्तावित 'विश्वविद्यालय अधिनियम-2026' के विरोध में राज्यभर के महाविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. इसी कड़ी में हिलसा स्थित श्रीचंद उदासीन (S.U.) कॉलेज के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने बुधवार को भी अपनी बांहों पर काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया. यह विरोध अभियान 8 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा. कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित अधिनियम के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसके तहत सभी कर्मी अपने नियमित काम करते हुए काला बिल्ला लगाकर विरोध जता रहे हैं.
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला: डॉ. राजीव नयन
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. राजीव नयन ने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के कई प्रावधान विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता (Autonomy) के सीधे विरुद्ध हैं. विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता और उच्च शिक्षा व्यवस्था की गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने सरकार से इस अधिनियम पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की.
10 अगस्त को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे कर्मी, पटना में महाधरना
आंदोलन के अगले चरण की जानकारी देते हुए संघ ने बताया कि राज्यभर के महाविद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी 10 अगस्त को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. सभी कर्मी पटना स्थित पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले विशाल महाधरना में शामिल होकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाएंगे. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. राजीव नयन, उपाध्यक्ष जलेंद्र कुमार, सचिव शैलेश कुमार, कोषाध्यक्ष रोनित रॉय, पूर्व जिला सचिव आलोक कुमार सिंह, कार्यकारिणी सदस्य कुमार पवन, प्रधान सहायिका सुभद्रा सिन्हा, प्रदीप कुमार, रंजीत कुमार, सुनीति देवी, बजरंगी लाल वर्मा, गुड्डू समेत बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
