विधानसभा चुनाव की तैयारियों का प्रेक्षकों ने की समीक्षा

भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए नियुक्त विभिन्न प्रेक्षकों ने संयुक्त रूप से सभी महत्वपूर्ण कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों और वरीय पदाधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की.

शेखपुरा. भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए नियुक्त विभिन्न प्रेक्षकों ने संयुक्त रूप से सभी महत्वपूर्ण कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों और वरीय पदाधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी आरिफ अहसन की उपस्थिति में विभिन्न कोषांगों द्वारा अब तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन और रणनीतियों के बारे में सभी नोडल पदाधिकारियों यथा स्वीप , परिवहन, सामग्री वितरण, प्रशिक्षण, ईवीएम प्रबंधन, विधि-व्यवस्था और शिकायत निवारण सहित सभी महत्वपूर्ण कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों से उनके कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली. सामान्य प्रेक्षक प्रसाद एन वी ने शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र 169, द्वारा पोस्टल बैलट कोषांग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि मतदान कार्य को संपन्न कराने वाले सभी कर्मियों का मतदान सुनिश्चित कराया जाय. प्रत्येक कर्मी पोस्टल बैलट मतदान हेतु सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाए. बरबीघा विधानसभा क्षेत्र 170 के सामान्य प्रेक्षक शीतल नंदा द्वारा कम मतदान प्रतिशत वाले मतदान केंद्रों पर गहनता के साथ स्वीप गतिविधियों को आयोजित करने का निर्देश दिया गया. इसके अतिरिक्त 80 बर्ष से उपर के मतदाताओं का 28 एवं 29 अक्टूबर को मतदान पूर्ण कर लेने का भी निर्देश दिया गया.व्यय प्रेक्षक पंकज खन्ना ने अबतक की गई बरामदगी की जानकारी लेते हुए निर्वाचन आयोग के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि 10 लाख से अधिक की बरामदगी की स्थिति में आयकर विभाग को अवश्य सूचित किया जाय. पुलिस प्रेक्षक मेघना यादव ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की सुरक्षा योजना, अंतर-जिला नाकेबंदी की प्रभावशीलता, और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर की गई निरोधात्मक कार्रवाईयों का जायजा लिया. संवेदनशील बूथों पर अभी से ही पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया ताकि लोगों में भय समाप्त किया जा सके और वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. प्रेक्षकों ने निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर त्रुटिरहित ढंग से पूरे किए जाएं. पदाधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले मामलों में तुरंत और सख्ती से कार्रवाई करने तथा सी-विजील जैसे शिकायत निवारण तंत्र पर 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया. सभी कोषांगों को एक-दूसरे के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया. प्रशिक्षण कोषांग को सुनिश्चित करने को कहा गया कि मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण उच्चतम स्तर का हो और उन्हें सभी प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी हो.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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