waste management rules 2026: भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 को धरातल पर उतारने के लिए बिहारशरीफ नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में बुधवार को स्थानीय कर्पूरी भवन में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य आमजनों में स्वच्छता और कचरा पृथक्करण को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा.
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी उदिता सिंह और नगर आयुक्त कृत्यानंद रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर मेयर, उपमेयर, प्रशिक्षण फैसिलिटेटर पवन झा, नगर निगम के वार्ड पार्षद सहित जिले के विभिन्न नगर निकायों के मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद, कार्यपालक पदाधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
कार्यक्रम के अंत में स्वच्छ नालंदा, सुंदर नालंदा और कचरा मुक्त नालंदा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया गया.
कचरा अब चार श्रेणियों में करना होगा अलग
प्रशिक्षकों ने बताया कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण, वैज्ञानिक प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने से लैंडफिल पर निर्भरता कम होगी और शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी. प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि नये नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए हर घर, दुकान, कार्यालय और संस्थान से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों में अलग-अलग रखना होगा.
गीला कचरा
गीले कचरे में भोजन का बचा हुआ हिस्सा, फल और सब्जियों के छिलके, फूल-पत्तियां आदि शामिल हैं.
सूखा कचरा
सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच आदि को अलग रखना होगा.
सैनिटरी कचरा
डायपर, सैनिटरी पैड आदि सैनिटरी कचरे की श्रेणी में रखे जायेंगे.
स्पेशल केयर कचरा
इस्तेमाल की गयी बैटरी, बल्ब, एक्सपायर्ड दवाइयां, पेंट के डिब्बे आदि स्पेशल केयर कचरे में शामिल होंगे.
जनप्रतिनिधियों से व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से अपील की गयी कि वे अपने-अपने वार्ड और क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 का व्यापक प्रचार-प्रसार करें. साथ ही नागरिकों को कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करें.
प्रशिक्षण के दौरान कचरा संग्रहण, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की नवीन व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी. अधिकारियों ने स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने में आम लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया.
