राजगीर में रविवार को उपाध्याय प्रवर परम श्रद्धेय गुरुदेव श्री रवींद्र मुनि जी महाराज साहब के सुशिष्य पूज्य सोहम मुनि जी महाराज साहब का चातुर्मास प्रवेश एक भव्य पदयात्रा के साथ संपन्न हुआ. उनके आगमन पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ उनका स्वागत किया. भगवान महावीर की पावन तपोभूमि राजगीर में संत के पदार्पण से समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
नगर में निकली पदयात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु हाथों में धर्म की ध्वज-पताका लेकर शामिल हुए. इस दौरान 'जय जिनेंद्र' और जैन धर्म के जयकारों से पूरा मार्ग गुंजायमान हो उठा. श्रद्धालुओं ने मार्ग में जगह-जगह गुरुदेव का भव्य अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया.
चार महीने तक राजगीर में विराजमान रहेंगे संत
चातुर्मास अवधि के दौरान पूज्य सोहम मुनि जी महाराज पूरे चार माह तक राजगीर में ही विराजमान रहेंगे. इस दौरान दैनिक धर्मसभा, आध्यात्मिक प्रवचन, सामायिक, स्वाध्याय, तपस्या तथा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा.
जैन परंपरा के अनुसार, वर्षा ऋतु में संत-मुनिगण एक ही स्थान पर प्रवास कर धर्म प्रचार, आत्मचिंतन, अहिंसा और जनकल्याण का संदेश देते हैं.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
इस पावन अवसर पर जैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ के प्रबंधक ज्ञानेंद्र पांडेय, समाजसेवी रमेश कुमार पान, अनिता कुमारी गुप्ता, सुनील कुमार, दीपक कुमार, राजू साव, शंकर कुमार, लखन कुंजर, धर्मेंद्र कुमार पासवान, राघो देवी, साहिल राज, अनिकेत राज, दौलती देवी, सुनील साव, संजय कुमार, सनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रतिनिधि एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे.
श्रद्धालुओं ने विश्वास व्यक्त किया कि पूज्य गुरुदेव के पावन सानिध्य से राजगीर में आध्यात्मिक चेतना, अहिंसा, संयम और सामाजिक सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा.
