शेखपुरा में 22 लाख की लागत से बना ऑटो स्टैंड, ढाई साल बाद भी नहीं लगता हैं एक भी वाहन

Sheikhpura News : शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से नगर परिषद शेखपुरा द्वारा तीनमुहानी बाईपास मोड़ पर करीब 22 लाख रुपये की लागत से निर्मित ऑटो स्टैंड आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। निर्माण पूरा हुए ढाई वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक यहां नियमित रूप से एक भी ऑटो या ई-रिक्शा खड़ा नहीं होता. नतीजा यह है कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहे ही अवैध स्टैंड में तब्दील हो गए हैं.

Sheikhpura News : (सत्येंद्र कुमार) शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से नगर परिषद शेखपुरा द्वारा तीनमुहानी बाईपास मोड़ पर करीब 22 लाख रुपये की लागत से निर्मित ऑटो स्टैंड आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है. निर्माण पूरा हुए ढाई वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक यहां नियमित रूप से एक भी ऑटो या ई-रिक्शा खड़ा नहीं होता. नतीजा यह है कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहे ही अवैध स्टैंड में तब्दील हो गए हैं और आम लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है.

अधिकारियों की उदासीनता से बढ़ रही परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद ने लाखों रुपये खर्च कर स्टैंड तो बना दिया, लेकिन उसे संचालित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई. शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर ऑटो, ई-रिक्शा और यात्री वाहन घंटों खड़े होकर सवारियां भरते हैं. इससे सड़क जाम की स्थिति बनी रहती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाकर वाहनों को हटाता जरूर है, लेकिन उन्हें निर्धारित स्टैंड तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं हो पाती.

शहर के चौक-चौराहे बने अस्थायी स्टैंड

तीनमुहानी में आधुनिक ऑटो स्टैंड बनने के बावजूद चांदनी चौक, दल्लू चौक, रेलवे स्टेशन परिसर, हुसैनाबाद रेलवे गुमटी, गोल्डन चौक और गिरिहिंडा चौक जैसे स्थानों पर दिनभर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। सवारी के इंतजार में वाहन चालकों के सड़क किनारे जमावड़े से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।

टेम्पो स्टैंड की भी वही कहानी

तीनमुहानी मोड़ के समीप टेम्पो स्टैंड तथा गिरिहिंडा बस स्टैंड के पास भी वाहनों के ठहराव के लिए व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके अधिकांश वाहन निर्धारित स्टैंड की जगह सड़कों और चौक-चौराहों पर ही खड़े रहते हैं। जबकि हर वर्ष स्टैंड की बंदोबस्ती भी की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

लोगों ने उठाए सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब लाखों रुपये खर्च कर स्टैंड बनाया गया है तो उसका उपयोग सुनिश्चित क्यों नहीं किया जा रहा. लोगों का आरोप है कि प्रशासन और नगर परिषद की लापरवाही के कारण सरकारी राशि का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है. उन्होंने शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और सभी यात्री वाहनों को निर्धारित स्टैंड में खड़ा कराने की मांग की है.

जाम और अव्यवस्था से कब मिलेगी राहत?

शहर में लगातार बढ़ते वाहनों और अव्यवस्थित पार्किंग के बीच तीनमुहानी ऑटो स्टैंड का खाली पड़ा रहना कई सवाल खड़े कर रहा है. अब लोगों की निगाहें प्रशासन और नगर परिषद पर टिकी हैं कि आखिर करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये की इस परियोजना को कब तक उपयोगी बनाया जाएगा और शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी.

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Published by: Vivek Singh

विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.

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