रोगी हितधारक मंच की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

सदर अस्पताल स्थित जिला मलेरिया कार्यालय में गुरुवार को रोगी हितधारक मंच के कार्यों की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया.

बिहारशरीफ. सदर अस्पताल स्थित जिला मलेरिया कार्यालय में गुरुवार को रोगी हितधारक मंच के कार्यों की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राम मोहन सहाय ने की. इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार मिश्रा, सिफार की ओर से नवनीत सिन्हा और शैली सिंह, बिहारशरीफ और अस्थावां प्रखंड के आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ, फाइलेरिया से पीड़ित मरीज, आशा कार्यकर्ता, पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि एवं मलेरिया विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. फाइलेरिया से लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार: डॉ. सहायबैठक को संबोधित करते हुए डॉ. राम मोहन सहाय ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूकता और समुदाय आधारित भागीदारी सबसे सशक्त माध्यम हैं. उन्होंने बताया कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान अब पूरे देश में प्रत्येक वर्ष 10 फरवरी से एकसाथ चलाया जाएगा, जिससे फाइलेरिया पर एकसमान और प्रभावी वार किया जा सके. उन्होंने आगामी नाइट ब्लड सर्वे की तैयारियों की जानकारी देते हुए सभी सीएचओ से अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया. साथ ही कहा कि व्यवहार परिवर्तन लाकर ही इस गंभीर रोग से निजात पाई जा सकती है. मंच के सदस्यों ने प्रस्तुत किए अपने अनुभव और कार्य बैठक में रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर किए गए प्रयासों की प्रस्तुति दी. समुदाय स्तर पर लोगों को जागरूक करने, दवा सेवन को प्रोत्साहित करने, और मरीजों से नियमित संवाद के अनुभव साझा किए गए. सिफार की प्रतिनिधि शैली सिंह ने मंच की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की और कार्यक्रम का संचालन किया. मंच में उपस्थित सीएचओ और मरीजों ने भी फील्ड में सामने आने वाली चुनौतियों, जागरूकता की प्रभावशीलता और प्रशासनिक सहयोग पर अपने विचार रखे. व्यवहार परिवर्तन और संवेदनशील सेवा की अपील डॉ. सहाय ने सभी सीएचओ को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और मरीजों के साथ संवाद बनाकर समुदाय में भरोसा कायम रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि जब तक समाज में रोगों को लेकर सोच नहीं बदलेगी, तब तक दवा अकेले पर्याप्त नहीं होगी. बैठक में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राम मोहन सहाय, आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार मिश्रा, नवनीत सिन्हा एवं शैली सिंह, सिफार, सीएचओ बिहारशरीफ व अस्थावां प्रखंड, फाइलेरिया पीड़ित मरीज, आशा कार्यकर्ता एवं पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि मौजूद थे.

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Published by: Santosh kumar singh

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